धर्मनगरी में भगवान को चढ़ाया जाने वाला केसर भी नकली बिक रहा था। ग्राहकों को जिसे केसर बताकर बेचा जा रहा था में उस डिब्बे में केसर का अर्क तक नहीं मिला है। कागज के टुकड़े को हानिकारक रंगों से रंगकर बेचा जा रहा था।
जांच में सेंट्रल लैब ने इसे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, नॉन परमिटेट कलर से रंगा हुआ पाया है। इसके अलावा रेडबुल एनर्जी ड्रिंक भी घातक पाई गई है। एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक पाई गई है।
अयोध्या के बाबू बाजार में सुनील कुमार गुप्त की दुकान से 15 सितंबर 2015 को केसर का नमूना लेकर जांच के लिए प्रदेश प्रयोगशाला भेजा था। केसर की डिब्बी पर गुप्ता प्रोडक्ट इंडिया का लेबल लगा था। आगरा लैब की जांच रिपोर्ट 10 मई को आई जो भ्रामक थी।
अभिहित अधिकारी ने केसर को दोबारा जांच के लिए सेंट्रल लैब भेज दिया। यहां की जो रिपोर्ट आई वह चाैंकाने वाली रही। डिब्बी में केसर था ही नहीं। बल्कि इसके कागज के बारीक टुकड़े को काटकर रंगा गया था। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक, मिथ्या छापा और बदबू युक्त होने की पुष्टि हुई।
इसी तरह शहर के अंगूरीबाग स्थित जैन एजेंसी से रेडबुल एनर्जी ड्रिंक का नमूना 12 अगस्त 2016 को सील कर जांच के लिए लखनऊ लैब में भेजा गया। यहां की रिपोर्ट में निर्धारित मात्रा से अधिक कैफीन पाया गया है।
अभिहित अधिकारी वीके पांडेय ने बताया कि केसर में स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तत्व पाए गए हैं। केसर विक्रेता पर मुकदमे के लिए शासन से अनुमति मांगी गई है। एनर्जी ड्रिंक में निर्धारित दर से अधिक मात्रा में कैफीन पाई गई है।