अयोध्या। अयोध्या फैसले की आशंकाओं के बीच रामनगरी अपनी लय मे हैं। कार्तिक परिक्रमा व पूर्णिमा मेला पर भी कोई असर नहीं दिख रहा है। सड़कों पर नाकेबंदी-चेकिंग और पैरामिलेट्री की तैनाती-सायरन बजाती गाड़ियों की बढ़ी हुई तादात का न भक्तों में खौफ है, न दुकानदारों व बाशिंदों में। सब अमनी धुन में हैं, मठ-मंदिरों से लेकर दुकान-फूल, सब्जी आदि के कारोबारी मेला में आने वाले 15 लाख श्रद्धालुओं के लिए तैयारी में जुटे हैं, तो प्रशासन का फोकस भी मेला ही है। कार्तिक परिक्रमा एवं पूर्णिमा मेला 5 नवंबर से शुरू होकर 12 नवंबर तक चलेगा।
अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट से फैसले को लेकर पूरे देश की निगाहें टिकी है। अगले कुछ ही दिनों में इस मामले में निर्णय आने की संभावना है। इसके मद्देनजर पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं, लेकिन, नाकेबंदी के बीच भी रामनगरी में बड़ी संख्या में बेखौफ भक्त आ रहे हैं। पांच नवंबर से शुरू होने जा रहे परिक्रमा मेले पर अयोध्या फैसले की आशंकाओं का कोई असर नहीं दिख रहा है।
रामनगरी में श्रद्धालुओं की भीड़ भी बढ़ रही है, सरयू घाटों से लेकर मंदिरों तक भक्तों का तांता यह प्रदर्शित करता है कि रामनगरी तमाम संशय के बीच भी अपने पूरे रौ में है। लोग कहते हैं कि मेला समाप्त होने के बाद ही सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आए तो बेहतर रहेगा, कारण कि पूर्णिमा स्नान में 20 से 25 लाख भक्त आते हैं।
अयोध्या वासियों का आर्थिक ढांचा भी काफी हद तक मेले पर ही निर्भर है, इसलिए मेले में आने वाले श्रद्धालुओं के चलते ही दुकानदारों की रोजी रोटी चलती है। उधर अयोध्या में विभिन्न प्रांतों के श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी है। गुरुवार को भी बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने पावन सलिला सरयू में डुबकी लगाने के साथ-साथ प्रमुख मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। उधर जिला पुलिस प्रशासन भी कार्तिक मेले एवं परिक्रमा मेले की तैयारियां में जुटे हैं।
बिसात खाना की दुकान चलाने वाले नवमी लाल बोले कि अयोध्या में फैसले को लेकर हमें काई तनाव नहीं है। श्रद्धालु भी अयोध्या आ रहे हैं, दुकानदारी हो रही है। मेला सर पर है हम तो उसकी तैयारी में जुटे हैं। मेला समाप्त होने के बाद यदि अयोध्या मामले में निर्णय आए तो और बेहतर होगा।
पूजन सामग्री की दुकान करने वाले बीए द्वितीय वर्ष के छात्र अखिलेश गुप्ता ने कहा कि अयोध्या विवाद अब शीघ्र समाप्त होने वाला है। विवाद समाप्त होगा तो रामनगरी में पर्यटन और रोजगार दोनों बढ़ेगा। हम पढ़ लिखकर अपने शहर में ही रोजगार स्थापित करेंगे, बाहर जाने की जरूरत नहीं होगी।
व्यापारी रामनरेश गुप्ता ने कहा कि जो बंदिशें दिख रही हैं उनका हमारे व्यापार पर कोई असर नहीं है क्योंकि यह बंदिशें स्थानीय नहीं बल्कि बाहरी लोगों के लिए हैं। यह सही भी है क्यों कि बाहरी ही अयोध्या का माहौल बिगाड़ते हैं, यदि ऐसे लोगों पर सख्ती बरती जाएगी तो अयोध्या में कुछ नहीं होगा।
कपड़ा व्यापारी आशीष कहते हैं कि अयोध्या फैसले को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। आम दिनों की अपेक्षा इस समय ज्यादा बिक्री हो रही है क्यों कि बाहरी श्रद्धालु अधिक आ रहे हैं। बोले कि अयोध्या मामले में फैसला आने पर हर हाल में अयोध्या का सद्भाव कायम रहना चाहिए।