अयोध्या। जिले में कोरोना संक्रमण के बीच डेंगू का खौफ बढ़ता जा रहा है। सिर्फ जिला अस्पताल में बुधवार को 40 मरीजों की डेंगू जांच के लिए सैंपल लिया गया। जबकि दो का इलाज अस्पताल के डेंगू वार्ड में चल रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग व नगर निगम की टीमें बचाव कार्य में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि डेंगू से निपटने के लिए लोगों को भी जागरूक रहने की आवश्यकता है।
ओपीडी में इन दिनों जुकाम-बुखार के साथ-साथ डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की तादाद बढ़ रही है। हालांकि, जिले में पर्याप्त इलाज का दावा भी किया जा रहा है। जिला अस्पताल के आरडीसी में सेंटीनल लैब में डेंगू के जांच की मुकम्मल व्यवस्था है।
यहां एनएस-1 कार्ड के साथ-साथ एलाइजा जांच भी कराई जाती है। एलाइजा किट से हुई जांच को अथेंटिक जांच मानकर रोगी का उपचार किया जाता है। बुधवार को भी ओपीडी में आए व भर्ती मरीजों को मिलाकर करीब 40 मरीजों का सैंपल जांच के लिए लगाया गया था। मरीजों की आमद बढ़ने के बाद जांच दो शिफ्ट में कराई जा रही है।
आरडीसी के लैब प्रभारी एलटी संदीप सिंह ने बताया कि अब तक भर्ती व ओपीडी के मरीजों को मिलाकर 480 लोगों की जांच सेंटीनल लैब में हो चुकी है। जिसमें 174 संक्रमित मिले हैं। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की मलेरिया इकाई के अनुसार एक दिन पूर्व तक 125 लोगों के संक्रमित होने की सूचना मिली है। जिनमें 18 मरीज अन्य जिले के हैं। शेष 107 मरीजों में से 94 मरीज नगर निगम व अन्य ग्रामीण इलाके हैं।
भर्ती मिले दो मरीज, शेष अन्य तरीके से लड़ रहे जंग
जिले में यूं तो कुल मरीजों की संख्या 174 बताई जा रही है, लेकिन जिला अस्पताल के डेंगू वार्ड में बुधवार को सिर्फ दो मरीज भर्ती मिले। जबकि करीब 25 लोगों का अब तक यहां इलाज हो चुका है। बुधवार को यहां सीआरपीएफ के दो जवान क्रमश: इलाहाबाद निवासी विकास शुक्ला (36) व मिर्जापुर निवासी राकेश कुमार (27) भर्ती मिले।
दोनों लोगों ने बताया कि जांच व दवाएं पर्याप्त हो रही हैं, लेकिन रिकवरी तेजी से नहीं हो पा रही है। उधर, माना जा रहा है कि कोरोना के भय के कारण कुछ लोग अस्पतालों में भर्ती होने के बजाय घर पर इलाज करा रहे हैं। शहर के तहसील कॉलोनी निवासी अधिवक्ता आशुतोष दूबे ने बताया कि तीन दिन पूर्व ही डेंगू पॉजिटिव आया है। फिजीशियन से सलाह लेकर घर पर ही इलाज किया जा रहा है।