कोहरा और कड़ाके की ठंड से पारा तेजी से लुढ़क रहा है। इसका सीधा असर ट्रेनों के संचालन पर पड़ रहा है। दिल्ली से माल्दा जाने वाली ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। ट्रेनें 19 घंटे की देरी से चल रही हैं। जो यात्री नियत समय पर स्टेशन पर आ गए हैं, वह ट्रेनों के आने के इंतजार में घंटों भटक रहे हैं।
बुधवार को दिल्ली से माल्दा टाउन को जाने वाली ट्रेन निरस्त कर दी गई है। दूसरी ट्रेन पटना से चल कर कोटा जाने वाली ट्रेन को निरस्त कर दिया गया है। दिल्ली से आजमगढ़ जाने वाली कैफियत ट्रेन साढ़े सात घंटे की देरी से स्टेशन पर आई है।
इसके अलावा देहरादून से हाबड़ा दो घंटा, धन बाद से फिरोजपुर डेढ़ घंटा , वाराणसी से लखनऊ एक घंटा, दिल्ली-फैजाबाद एक्सप्रेस डेढ घंटा और माल्दा टाउस ने दिल्ली जाने वाली ट्रेन तीन घंटे की देरी से चल रही है। ट्रेनों को देरी से चलने की वजह से यात्रियों को मुश्किलोें का सामना करना पड़ रहा है। लोग सूचना पट पर ट्रेनों के आने का इंतजार करते रहे।
अम्बेडकरनगर के रहने वाले रोहित को लखनऊ जाने के लिए किसी ट्रेन का इंजतार है। उन्होंने बताया कि गुरुवार को लखनऊ में सीआरपीएफ की परीक्षा है। आज जल्दी पहुंच जाएंगे तो कुछ और तैयारी कर लेंगे। पिछले डेढ़ घंटे से ट्रेन के आने का इंतजार कर रहे हैं। शहर कश्मीरी मोहल्ला निवासी अभिनव सिंह ने बताया कि उन्हें मिर्जापुर जाना है।
दो घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। वाराणसी की ओर जो भी ट्रेन पहले आएगी उसी से जौनपुर तक जाएंगे और फिर वहां से बस से आगे की दूरी तय करेंगे। अम्बेडकरनगर के रहने वाले राकेश का कहना है कि पिछले दो घंटे से ट्रेन का इंतजार कर रहा हूं, जो भी ट्रेन आ जाएगी उसी से आगे का सफर तय कर लेंगे, लेकिन अभी तक ट्रेन नहीं आई है।
वहीं दर्शननगर के रहने वाले संदीप चौरसिया को गंगा-सतलज ट्रेन से लुधियाना जाना है, लेकिन अभी तक ट्रेन नहीं आई है। उन्होंने बताया कि सुबह नौ बजे से आकर ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक डॉ. अमरनाथ मिश्र ने बताया कि इस प्रकार का मौसम फसलों के लिए मुफीद माना जाता है। इससे गेहूं की उपज और बेहतर होगी।