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दिव्य दीपोत्सव का आगाज, दुल्हन की तरह सजी अयोध्या

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लेजर शो के जरिये रामलीला का हुआ मंचन। - फोटो : FAIZABAD
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अयोध्या। तीन दिवसीय दीपोत्सव का बुधवार को आगाज हुआ तो पूरी रामनगरी दुल्हन की तरह सजी-धजी नजर आई। चहुंओर उल्लास और भगवान श्रीराम की स्तुति व भजनों से रामनगरी राममय हो उठी है।
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दीपोत्सव में इस बार राममंदिर निर्माण शुरू होने की खुशी उत्साह को कई गुना बढ़ा रही है। अवध विवि के हजारों छात्र-छात्राओं की टीम राम की पैड़ी पर दीपों की माला सजाती दिखी। इसबार राममंदिर के मॉडल का रेखांकन कर दीपों से सजाने की तैयारी है।
रामनगरी में दीपोत्सव का रंग अब गाढ़ा हो चुका है। राम की पैड़ी-सरयू घाट से लेकर रामकथा पार्क तक की भव्यता बढ़ चुकी है। पांच सौ वर्षों बाद पहली बार रामजन्मभूमि में भी दीपोत्सव का उल्लास छाया हुआ है।
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दीपोत्सव को ऐतिहासिक बनाने में शासन-प्रशासन दिन रात एक किए हुए है। अकेले राम की पैड़ी पर ही जहां 5.51 लाख दीप जलाकर नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है तो वहीं रामनगरी के कण-कण में दीपोत्सव का उल्लास बिखर पड़ा है।
लेजर शो के माध्यम से भगवान श्री राम के अयोध्या आगमन का चित्रण किया जाएगा। आगमन के पश्चात नगरवासियों द्वारा उनके स्वागत में प्रज्वलित किए गए दीपों की जगमगाहट के साथ ही उनकी प्रसन्नता और प्रभु श्रीराम के स्वागत में किए गए आयोजन को भी दर्शाएगा। रामनगरी के हनुमान जयंती के पर्व में ही इस वर्ष प्रभु राम के अयोध्या आगमन की खुशी स्पष्ट नजर आएगी।
रामनगरी की दीवारों पर रामायणकालीन चित्र उकेरे जा रहे हैं जो त्रेतायुग जैसा दृश्य निर्मित कर रहे हैं। सरयू घाट पर आरती के लिए भव्य मंच व संगमरमर का घाट तैयार हो चुका है। जहां मुख्यमंत्री अन्य अतिथियों संग मां सरयू की भव्य आरती करेंगे। घाटों को इस तरह सजाया संवारा जा रहा है कि पूरा घाट राममय हो उठे। सरयू घाट पर स्नान पूजन करने वाले दीपोत्सव की तैयारी देखकर आकर्षित हो रहे हैं।
नयाघाट पर दीपोत्सव की तैयारी देख रहे पुत्तीलाल पांडेय ने कहा कि इस बार कोरोना ने हमें जकड़ दिया है फिर भी कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए दीपोत्सव को भव्य बनाने में सहभागी बनेंगे, अपने घर-आंगन को दीपों से रोशन करेंगे।
ब्रह्मजीत द्विवेदी तो उत्साहित नजर आ रहे थे कहा कि हमारे आराध्य रामलला को इतने वर्षों बाद मुक्ति मिली है जिस तरह उनके अयोध्या लौटने की खुशी थी यह खुशी उससे भी बढ़कर है। जिस तरह से अयोध्या को सजाया संवारा जा रहा है उससे लगता है कि अब रामनगरी में उत्सव ही उत्सव का माहौल रहेगा।
फूलों से सज रहा राममंदिर परिसर
पांच सदी बाद रामजन्मभूमि परिसर में भी दीपोत्सव का उल्लास छलक रहा है। तीन दशक बाद रामलला टेंट से बाहर आकर अस्थाई मंदिर में विराजे हैं तो उनके भव्य मंदिर का निर्माण भी शुरू हो चुका है, जिसका उत्साह दीपोत्सव में स्पष्ट नजर आ रहा है। रामजन्मभूमि में गाय के गोबर के 11 हजार दीप जलाए जाएंगे। रामजन्मभूमि के प्रवेश द्वार से लेकर पूरे परिसर को भव्य विद्युत झालरों से सजाया जा रहा है, रंगोली में रामायणकालीन दृश्य नजर आएंगे। पूरे गर्भगृह को विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया जा रहा है। रामलला का दरबार भव्यता का केंद्र होगा।
एलईडी वैन से भक्तों को लुभा रहा रामायण
सूचना विभाग द्वारा रामनगरी के 12 स्थानों पर एलईडी वैन से किया जा रहा है। दीपोत्सव व सरकार की नीतियों के प्रचार-प्रसार के बीच ही रामायण का प्रसारण भी अयोध्या आने वाले श्रद्घालुओं भक्तों को लुभा रहा है। नयाघाट, तुलसी उद्यान, बिड़ला धर्मशाला, विद्याकुंड सहित अन्य स्थलों पर एलईडी वैन से रामायण का प्रसारण होना शुरू होता है तो उसे देखने के लिए श्रद्घालुओं की भीड़ लग जाती है। डिजिटल स्क्रीन पर रामायण का प्रसारण भक्तों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है, जगह-जगह रामायण देखने के लिए भीड़ जुट रही है।
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