अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के चौथे दिव्य दीपोत्सव में दीपों को जलाने के लिए अंतिम रूपरेखा तैयार कर ली है। इस बार 24 घाटों पर लगभग 6 लाख दीये लगाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक घाट पर स्वयं सेवकों के साथ दीपों की संख्या का निर्धारण कर लिया गया है।
दीपोत्सव में विश्वविद्यालय परिसर, महाविद्यालय, विभिन्न गैर शैक्षिक संस्थान, एनसीसी, एनएसएस एवं समेत आठ हजार स्वयंसेवक अपनी सहभागिता प्रदान करेंगे। दीपोत्सव में प्रति स्वयंसेवक 75 दीये जलाने का लक्ष्य है।
बुधवार को कुलपति रविशंकर सिंह ने स्वंय सेवकों, महाविद्यालयों व परिसर के जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक की है। बैठक में तय हुआ कि दीपोत्सव कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा कमेटियां गठित कर दी गईं हैं।
प्रो. शैैलेंद्र वर्मा ने बताया कि इस बार दीपोत्सव में 5 लाख 50 हजार दीये जलाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए अयोध्या की राम की पैड़ी पर 24 घाटों का चयन किया गया है। जिसमें लक्ष्मण घाट पर 48 हजार, वैदेही घाट 22 हजार, श्रीराम घाट 30 हजार, दशरथ घाट 39 हजार, भरत घाट 17 हजार, शत्रुघ्न घाट 17 हजार, मांडवी नागेश्वर उमाघाट 52 हजार, ऋतु कीर्ति घाट 40 हजार, कैकेयी घाट 40 हजार, कौशल्या घाट 40 हजार, सुमित्रा घाट 40 हजार, उर्मिला घाट 40 हजार सहित अन्य घाटों पर दीये जलाये जाएंगे।
उन्होंने बताया है कि 8 नवंबर को घाटों पर मार्किंग होगी। 11 नवंबर को 12 बजे स्वयंसेवकों के साथ घाटों पर उनके कार्यों से उनको अवगत कराया जाएगा। 12 व 13 नवंबर को प्रात: 10 बजे स्वयंसेवकों एवं समन्वयकों को उपस्थित होना होगा। दीपोत्सव कार्यक्रम में मोबाइल टीम बनाई गई है, जो आवश्यकता पड़ने पर दीये जलाने में सहायता प्रदान करेंगे। ड्रोन के द्वारा पूरे दीपोत्सव की मॉनिटरिंग की जायेगी।
इस अवसर पर अधिष्ठाता छात्र-कल्याण प्रो. नीलम पाठक, मुख्य नियंता प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो. चयन कुमार मिश्र, प्रो. एसएस मिश्र, प्रो. राजीव गौणर प्रो. जसवंत सिंह, प्रो. अनुपम श्रीावस्तव, प्रो. केके वर्मा, प्रो. हिमांशु शेखर सिंह आदि मौजूद रहे।