रामनगरी में लगभग पांच दशक से समाज के प्रति समर्पण के पर्याय के रूप में पहचान रखने वाली शख्सियत का नाम है श्रीमती के. रानी शर्मा का, जो 82 वर्ष की उम्र में भी अयोध्या के निवासियों के लिए बेहतर से बेहतर करने का इरादा रखती हैं।
पाकिस्तान के जलालाबाद में दिसंबर 1935 में पैदा हुई पिता संतलाल व माता श्रीमती जयदेवी की पुत्री कृष्णा रानी उर्फ के.रानी शर्मा का परिवार आजादी के बाद बंटवारे में दिल्ली आ गया। वर्ष 1954 में पति स्व. शिवलाल शर्मा के साथ उनका परिवार अयोध्या आया तो धर्म और अध्यात्म के प्रति बढ़े लगाव से यहीं की होकर रह गई।
शुरूआती दिनों में रायगंज क्षेत्र में रहीं फिर तुलसी नगर क्षेत्र में स्थायी निवास बनाया। वर्तमान में उनका नाम नगर के हर आम ओ शख्स की जुबां पर एक समर्पित समाज सेविका के रूप में रहता है। पिछले चार-पांच दशकों से वह नगर में महिलाओं की शिक्षा व स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।
समाज के प्रति उनके समर्पण का ही परिणाम रहा कि उन्होंने वर्ष 1966 में तुलसी कन्या प्राथमिक विद्यालय की स्थापना की। धीरे-धीरे इंटर कॉलेज तक की सुविधा उपलब्ध कराकर प्रदेश सरकार के तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी को वर्ष 1971 में दान दे दिया, जो अब राजकीय तुलसी कन्या इंटर कॉलेज के रूप में बालिकाओं को शिक्षा प्रदान कर रहा है।
महिला स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए वर्ष 1971 में 25 बेड की सुविधा वाला तुलसी महिला चिकित्सालय की स्थापना की, बाद में इसे भी सरकार को दान दे दिया, जो राजकीय तुलसी महिला चिकित्सालय के रूप में स्थापित है।
वर्ष 1980-81 में पास ही स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के लिए भी उन्होंने भूमि दान में दे दी है, जो आज उनके पति स्व. शिवलाल शर्मा के नाम से बच्चों को शिक्षित कर रहा है। नयाघाट स्थित राजकीय तुलसी उद्यान पार्क को भी सरकार को दान दे दिया है।