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सीटी स्कैन न एमआरआई, कैसे होगी जांचें

Tue, 29 Mar 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फैजाबाद
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ट्रॉमा सेंटर में खाली पड़ा एक्सरे रूम - फोटो : अमर उजाला
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दर्शननगर स्थित मंडलीय अस्पताल में मंगलवार को जिस ट्रॉमा सेंटर का शुभारंभ हुआ, उसकी हालत बदतर है। कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि सीटी स्कैन व एमआरआई के बगैर कैसे हादसों के शिकार लोगों का यहां इलाज होगा।
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अस्पताल में आईसीयू तो दूर की बात एक भी बेड ऐसा नहीं है, जो न्यूनतम जीवनरोधी उपकरणों से लैस हो। एक्सरे कक्ष खाली पड़ा है, पैथालॉजी जांच के कोई इंतजाम नहीं हैं। ब्लड बैंक यूनिट, वेंटिलेटर आदि उपकरणों का दूर-दूर तक पता नहीं है।

जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि ऐसे ट्रॉमा सेंटर वे कैसे मरीज को रेफर कर सकते हैं। वन राज्य मंत्री, विधायकों समेत जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ट्रॉमा सेंटर का बाजे-गाजे के साथ शुभारंभ कर दिया है।
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अब यहां मरीजों का इलाज शुरू हो जाना चाहिए। लेकिन हकीकत इसके विपरीत है, पूरे दिन कोई मरीज नहीं आया। सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक के अधिकारी यहां मरीज रेफर करने के सवाल पर साफ इंकार करते नजर आए।

सवाल उठता है कि आखिर जल्दबाजी में बगैर मानकों को पूरा किए इस उपकरण विहीन भवन के शुभारंभ की जरूरत क्यों पड़ी। हाल यह है कि जिले में दुर्घटनाओं के दौरान 60 फीसदी घायलों की मौत हेड इंजरी का इलाज नहीं होने से हो जाती है।

यहां हर माह दुर्घटनाओं का औसत एक सौ से अधिक है, जिन्हें लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया जाता है। इसमें कई लोग अस्पताल पहुंचने में देरी की वजह से दम तोड़ देते हैं। इन्हीं मरीजों की जान बचाने के लिए जिले में ट्रॉमा सेंटर खोलने के लिए सरकार ने दर्शननगर में भवन बनवाया।

मगर इसका उद्घाटन करने से पहले जिम्मेदारों ने यह नहीं सोचा कि यहां जीवन रोधी आपात उपकरणों में सीटी स्कैन, एमआरआई, आईसीयू, एक्सरे मशीन, पैथालॉजी जांच केंद्र, ब्लड बैंक, वेंटिलेटर आदि उपकरणों के बगैर कैसे इलाज होगा।

इनके लिए बने कक्ष पूरी तरह खाली पड़े हैं। एक भी बेड नहीं है, जो न्यूनतम जीवनरोधी उपकरणों से लैस हो। विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती का हाल भी बेहद चौंकाने वाला है। ट्रॉमा सेंटर में अंबेडकरनगर व बाराबंकी से एक-एक चिकित्सकों को संबद्ध किया गया है।

सोहावल के सीएचसी अधीक्षक को बतौर बेहोशी चिकित्सक तैनात किया गया है। यहां दवाओें के नाम पर एक इंजेक्शन तक नहीं है। मरीजों का इमरजेंसी में कैसे ऑपरेशन किया जाएगा इस बारे में कोई भी अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। एक्स-रे मशीन स्थापित तक नहीं की गई है।
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