कैंट थाने में सेना के एक कैप्टन व उसके साथियों की पिटाई करने और उनकी चेन आदि छीन लेने के मामले में दो थानेदारों व तीन सिपाहियों समेत कुछ अज्ञात पुलिस वालों पर रिपोर्ट दर्ज करके विवेचना करने का आदेश हुआ है।
यह आदेश सीजेएम रवींद्र गुप्ता की कोर्ट से हुआ है। कोर्ट ने थानाध्यक्ष कैंट को रिपोर्ट दर्ज करने और एसएसपी को अपने स्तर से प्रकरण की विवेचना सक्षम अधिकारी से करवाए जाने का आदेश दिया है।
वादी के अधिवक्ता दिनेश तिवारी ने बताया कि घटना बीते 11 अगस्त 2016 की है। जम्मू में सेना में कैप्टन के पद पर तैनात आशीष तिवारी निवासी निहाल सिंह पुरा नियावां छुट्टी पर आए थे।
घटना वाले दिन वह शाम सात बजे अपने मित्र निरंकार मिश्र व भाई अविनाश तिवारी के साथ गुप्तार घाट से निजी कार से घर जा रहे थे। मछली मंडी में भीड़ अधिक होने के कारण उनके कार का शीशा एक आदमी को लग गया। वह उसे उठा रहे थे इसी बीच कैंट पुलिस आ गई और उन्हें लेकर थाने गई।
आरोप है कि थाने में एसओ राजीव सिंह ने कैप्टन से 15 हजार रुपए घूस मांगा न देने पर एसओ व एसआई शैलेंद्र गिरी (अब थानाध्यक्ष कुमारगंज) सिपाही उदय सिंह यादव, घनश्याम, सर्वेश मिश्र व चार-पांच अज्ञात सिपाहियों ने उन्हें बंदूक के कुंदे से मारापीटा, आठ हजार रुपये, सोने की चेन व सेना का आईकार्ड छीन लिया।
खुद को सेना में कैप्टन के पद पर तैनात होना बताया तो थानाध्यक्ष ने सबके मुंह में जबरदस्ती शराब डाल देने को कहा और मनोज कुमार से तहरीर लेकर फर्जी रिपोर्ट उसके खिलाफ दर्ज कर ली गई। मामले में एसएसपी से शिकायत करने पर उन्होंने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं की। तब रिपोर्ट दर्ज करवाने के लिए कोर्ट में अर्जी दी।