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शोहदों की हरकतों से बेटियों की पढ़ाई पर असर

Wed, 05 Aug 2015 10:19 PM IST
फैजाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
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हाल यह है कि छेड़खानी व फिकरा कसने वाले ये युवा बहन-बेटियों के विरोध पर और उग्र हो जाते हैं। ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें लड़कियों के कड़ा विरोध व सार्वजनिक स्थलों पर लड़कों को ललकारने के मामले के बाद वे और क्रूर हो बदले की भावना में अपराध करते हैं।
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हालांकि ज्यादातर बेटियों का कहना है कि वे शिकायत करने और कानून के लफड़े में फंसने के बजाय मुंह फेर निकल जाना ही बेहतर समझती हैं।

विगत दिनों बरेली और लखनऊ की स्कूली छात्राओं के साथ पेश आये मामले जैसी घटनाएं अक्सर होतीं हैं। लेकिन पीड़ित से लेकर घरवाले इसे ज्यादा तूल देना बदनामी समझ दबाने में जुट जाते हैं।

मवई व रुदौली क्षेत्र में भी कई घटनाएं हो चुकी हैं। जनपद में स्कूली छात्राएं कॉलेजों के आसपास अक्सर मनचलों व शोहदों की हरकतों से दो-चार होती हैं। यूपी सरकार के प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा ने इनकी हरकतों पर कार्रवाई के लिए सभी स्कूल-कॉलेज के मुख्य गेट पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए थे। मगर अभी तक सब हवा हवाई है।
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महिला सशक्तीकरण तथा महिलाओं से जुड़े अपराध के मामलों में पूरी संवेदनशीलता तथा सतर्कता का दावा जमीन कम और किताबी ज्यादा नजर आता है। पुलिस-प्रशासन ने प्रधानाचार्यों आदि के साथ बैठकों का दौर आयोजित कर स्कूल-कॉलेजों के सामने वूमेन हेल्पलाइन का बोर्ड लगा कर्तव्यों की इतिश्री कर ली है।

जनपद पुलिस को शोहदों व मनचलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए समय-समय पर ऑपरेशन मंजनू चलाने तथा कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। लेकिन काफी दिनों से पुलिस विभाग की ओर से ऑपरेशन नहीं चलाया गया।

इतना ही नहीं स्कूल शुरू होने तथा छुट्टी के समय स्कूल-कॉलेजों के सामने से लेकर चौक-चौराहों तक पुलिस से निगरानी कराये जाने की व्यवस्था है। हालांकि इसका अनुपालन होता नजर नहीं आता।

पूराकंलदर क्षेत्र में तीन माह पहले रामपुर सर्धा स्थित एक इंटर कॉलेज से पढ़कर लौट रही छात्रा को शोहदों ने छेड़ दिया। मामले को लेकर भड़के अभिभावकों ने तीनों मनचलों पर रिपोर्ट दर्ज कराई।

दबाव के बाद पुलिस को गिरफ्तारी करनी पड़ी। इसके पहले भी एक गांव की लड़की को उसी गांव के लड़के ने स्कूल से आते वक्त छेड़ा, मामले में उसे जेल भेजा गया था।

पूराकलंदर थानाक्षेत्र के भदरसा-कैल मार्ग पर चार माह पहले कोचिंग पढ़कर लौट रही छात्रा को बाइक सवार बभनावा गांव के दो युवकों ने लबे रोड उठा लिया था।

देर होने पर परिवारीजन ढूंढने निकले तो रात 8 बजे कैल गांव के पास बदहवास छात्रा मिली। उसकी पहचान पर दो पर नामजद रिपोर्ट हुई। फिर रेप के आरोप में गिरफ्तारी।

इलाके में स्टाफ नर्स पद तैनात एक महिला कर्मी कहतीं है कि अक्सर कॉलेजों के सामने और टैक्सी स्टैंडों पर शोहदों की हरकतें बेटियों को परेशान करती हैं। बेटियां जब कड़ा विरोध करती हैं, या सार्वजनिक रूप से लड़के को फटकारती हैं तो बदले की भावना से बदनाम करने के लिए और परेशान करते हैं।

दोनों मामलों में एक बात सामान्य थी कि बेटियों ने शोहदों का पहले सख्ती से विरोध किया था। शर्मसार करने वाली इन घटनाओं पर अभिभावक कहते हैं कि पुलिस को तैनात कर सख्ती बरतने से ही रोक लगेगी।
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एसपी सिटी आरएस गौतम का कहना है कि लड़कियों के सभी स्कूल-कॉलेजों के सामने वूमेन पावर लाइन का फ्लैक्स के साथ शिकायत पेटिका लगवाई गई है।

वूमन पावर लाइन पर शिकायत दर्ज कराये जाने पर तत्काल कार्रवाई कराई जाती है। पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों पर भी शिकायत पेटिका लगवाई गई है।

राजपत्रित अधिकारी की ओर से शिकायतों तथा उन पर हुई कार्रवाई की समीक्षा कराई जाती है। शहर में जल्द ही विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।  
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