झारखंड प्रांत में फैजाबाद के जिंदा मिले पोस्टमास्टर को लेकर जिले की कैंट पुलिस यहां पहुंच गई। यह वही पोस्टमास्टर है, जिसकी लाश लगभग एक वर्ष पूर्व कैंट थाना क्षेत्र में हाईवे किनारे एक जली कार में मिलने का दावा किया था।
कार में एक जला कंकाल मिलने पर हड़कंप मच गया था। परिवार ने पोस्टमास्टर की तेरहवीं भी कर दी थी। अब पुलिस वारदात में आये यू टर्न को सुलझाने मेें जुटी है और कार में मिले कंकाल का रहस्य जानने की कवायद कर रही है।
पोस्टमास्टर हरिशंकर सिंह से घंटों की पूछताछ के बाद कैंट पुलिस ने पूछताछ का जिम्मा स्वाट टीम के हवाले किया है। फिलहाल पुलिस अभी यह तय नहीं कर पाई है कि पोस्टमास्टर सही बात बता रहा है कि गढ़ी हुई कहानी सुना रहा है।
गत वर्ष मई माह में लखनऊ हाईवे पर मोदहा पोस्ट आफिस में तैनात पोस्टमास्टर हरिशंकर की जली हुई कार पाई गई थी। कार में मिला कंकाल पोस्टमास्टर का होने की आशंका जताते हुए उनके लड़के पंकज ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया गया था।
परिवार की ओर से हरिशंकर की तेरहवीं भी कर दी गई थी। अचानक दो दिन पूर्व झारखंड पुलिस की ओर से हरिशंकर की वार्ता कैंट पुलिस से कराई गई। वार्ता में हरिशंकर ने बताया कि उनको कुछ लोगों ने अगवा कर लिया था और झारखंड में बंधक बना रखा था।
एक शख्स की ओर से उनकी लगातार निगरानी कराई जा रही थी। किसी तरह वह कब्जे से छूटकर भागे और इलाकाई पुलिस तक पहुंचे और कैंट पुलिस को प्रकरण की जानकारी दी। इसके बाद झारखंड गई कैंट पुलिस गुरुवार रात उनको ले आई।
यहां घंटों चली पूछताछ में अभी वारदात की तस्वीर साफ नहीं हो पाई है। इस बात का भी जवाब नहीं मिल पाया है कि आखिर कार में मिला कंकाल किसका था? अगर पोस्टमास्टर का अपहरण हुआ तो किसने किया?
फिलहाल स्वाट टीम पुलिस लाइन में हरिशंकर से पूछताछ में जुटी थी। कैंट एसओ अमर सिंह ने बताया कि पोस्टमास्टर के बयान में भिन्नता है। तथ्यों की पड़ताल व क्राॅस वेरीफिकेशन कराया जा रहा है।