दोनों में पहले किसी बात को लेकर कहासुनी हुई जो कि झगड़े में तबदील हो गई।
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घर से चंद कदमों की दूरी पर स्थित एक आम के बाग में बुधवार की शाम किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में जलकर मौत हो गई। सड़क के ठीक बगल किशोरी को आग में जिंदा जलते देख लोगों की रूह कांप उठी। सूचना के ढाई घंटे बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस इस घटना को आत्मदाह करार दे रही है। वहीं लोगों मे पुलिस की भूमिका को लेकर आक्रोश रहा।
कुमारगंज थाना क्षेत्र के बवां के पूरे लाल पांडेय गांव में कुमारगंज-खंडासा मार्ग के पश्चिम आम का बाग है। बुधवार शाम तकरीबन चार बजे गांव निवासी पप्पू की पुत्री दीपा (14) घर से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित आम के बाग में धूं-धूं कर जलती दिखी।
सड़क के बगल में हुई इस घटना में किशोरी को जिंदा जलते देख रहगीरों की रूह कांप उठी। उसे बचाने की कोई हिम्मत भी नहीं जुटा पाया। स्थानीय लोगों ने सूचना थाना पुलिस व 100 नंबर पर फोन कर दी लेकिन पुलिस घटना के ढाई घंटे बाद तकरीबन साढे़ छह बजे घटना स्थल पर पहुंची।
तब तक सब कुछ खत्म हो चुका था। परिवार में कोहराम मच गया।
किशोरी कक्षा नौ की छात्रा थी। जिस समय वह घर से बाग गई उस समय उसकी मां खेत में काम करने गई थी और पिता मजदूरी करने बाहर गया था। इस घटना में पुलिस की भूमिका पर लोगों में आक्रोश रहा।
कुमारगंज थानाध्यक्ष सुनील सिंह ने बताया कि मृत किशोरी के परिवारीजनों ने बताया कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं थी और कोई तहरीर नहीं दी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। थानाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला आत्मदाह का लगता है। वहीं गांव में इस बात को लेकर हर किसी की जुवा पर सिर्फ एक ही सवाल था कि आखिर दीपा ने ऐसा क्यों किया?