लोगों के जेहन में आज भी जिंदा है कचहरी सीरियल ब्लास्ट का खौफनाक मंजर। तिथि नजदीक आने के साथ ही लोगों के बीच चर्चा में घटना की यादें ताजा हो गई। प्रदेश की तीन कचहरियों में 23 नवंबर 2007 में आतंकियों के नापाक इरादों ने कई लोगों को मौत की नींद सुला दिया था।
जिले में हुए दो सिलसिलेवार बम धमाकों में अधिवक्ता राधिका प्रसाद मिश्र, तथा एक-एक वादकारी, स्टांप वेंडर व मुंशी समेत चार लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
ब्लास्ट की नौवीं बरसी पर कचहरी में 23 नवंबर को घटनास्थल पर मृतकों को अधिवक्ता से श्रद्धांजलि दिए जाने के कार्यक्रम की चर्चा के बीच घटना की याद ताजा हो गई। खौफनाक मंजर मानस पटल पर तैरने लगा। 23 नवंबर 2007 को प्रदेश की लखनऊ, वाराणसी व फैजाबाद की कचहरी में एक ही समय दिन में एक बजे सिलसिले वार बम धमाके हुए थे।
इन धमाकों से जिले में चार लोगों की मौत हो गई थी और दो दर्जन लोग घायल हो गए थे। इसकी रिपोर्ट बार के तत्कालीन मंत्री मंसूर इलाही की तहरीर पर दर्ज हुई थी। घटना में दौरान विवेचना एटीएस ने सज्जादुर्ररहमान, तारिक काशमी, मोहम्मद अख्तर उर्फ तारिक व खालिद मुजाहिद को गिरफ्तार किया था। खालिद मुजाहिद की मौत हो चुकी है। अन्य तीनों के खिलाफ मुकदमा साक्ष्य की कार्रवाई में विचाराधीन है। तीनों आरोपी लखनऊ जेल में बंद हैं।