तारुन थाना क्षेत्र के बरांव गांव स्थित प्राचीन राम-जानकी मंदिर पर 11 वर्ष बाद एक बार फिर चोरों ने धावा बोला। इस बार शेष बची लक्ष्मण जी की बेशकीमती अष्टधातु की मूर्ति चुरा ली।
जाते-जाते चोरों ने मंदिर के गर्भगृह में रखी राम-जानकी और हनुमान की पत्थर की मूर्ति को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। सोमवार रात हुई इस घटना की जानकारी मंगलवार सुबह पुजारी को तब हुई जब वह पूजन के लिए पहुंचे। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है।
बताते हैं कि 11 वर्ष पहलेे इसी मंदिर से चोरों ने जब राम-जानकी की अष्टधातु की मूर्ति चुराई थी तो उस समय वे लक्ष्मण की मूर्ति नहीं ले जा सके थे। घटना के बाद मंदिर के गर्भगृह में राम-जानकी की पत्थर की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा करवाई गई थी।
बरांव गांव निवासी मंदिर के पुजारी सभाजीत पांडेय ने बताया कि रोज की भांति वह सोमवार शाम को आरती व भगवान का भोग लगाने के बाद घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब वे मंदिर पहुंचे तो तीनों दरवाजों के ताले टूटे पड़े थे और गर्भगृह से लक्ष्मण की मूर्ति गायब थी।
पुजारी ने पुलिस को सूचना न देते हुए ग्राम प्रधान अनीता वर्मा व उनके परिवारीजनों को दी। प्रधान प्रतिनिधि अजय कुमार वर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी रामपुरभगन चौकी प्रभारी अवनीश चौहान को दी गई है।
थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी ने घटनास्थल की जांच कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। थाना प्रभारी महेश कुमार गोेले ने बताया कि पुजारी सभाजीत, पूर्व प्रधान शिवपूजन वर्मा व मनमोहन पांडेय को थाने बुलाकर मूर्ति चोरी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
पड़ताल के बाद रिपोर्ट दर्ज कर आगे की कार्यवाही की जाएगी। मंगलवार शाम तक मूर्ति चोरी की रिपोर्ट नहीं दर्ज की जा सकी थी।