देवकाली बाईपास चौराहे के पास सीसी रोड के निर्माण के दौरान इंजीनियरों के साथ अभद्र व्यवहार और सत्ता का रौब दिखाकर धमकाने के मामले में अयोध्या पुलिस ने सपा नेता अशोक वर्मा समेत तीन ठेकेदारों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तीनों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, इंजीनियर को धमकाने व अभद्र व्यवहार का आरोप है।
प्रांतीय खंड लोक निर्माण विभाग के जेई गिरजेश कुमार ने पुलिस दी गई तहरीर में कहा है कि बीते छह जून की रात 11:30 बजे निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण के लिए कार्यस्थल पर वह और एई एसपी पांडेय, विभाग के हरीश विद्यार्थी, एसके मौर्य आदि मौजूद थे।
इसी दौरान गुणवत्ता को लेकर देवकाली बाईपास के पास अंबेडकरनगर मार्ग पर सीसी निर्माण का ठेका लेने वाले ठेकेदार कृष्णचंद्र राय व उसके साथी ओमप्रकाश मिश्र से नोंकझोंक शुरू हो गई।
इसी बीच ओमप्रकाश के बुलाने पर पहुंचे सपा नेता अशोक वर्मा ने अभियंताओं के साथ अमर्यादित व्यवहार किया व जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर सरकारी कार्य में बाधा डाली और सत्ता की धौंस दिखा निपट लेने की धमकी दी।
मामले को लेकर मंगलवार को दोनों अभियंताओं ने बैठक कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी थी। बुधवार को अयोध्या कोतवाल ने बताया कि जेई गिरजेश की शिकायत पर ठेकेदार कृष्णचंद्र राय, ओमप्रकाश व अशोक वर्मा के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, गालीगलौज व धमकी के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
मामले की जांच कराई जा रही है। गौरतलब है कि अशोक वर्मा पर परसपुर में 12 जून 2014 को मिट्टी खनन रोकने के दौरान तत्कालीन आईपीएस प्रशिक्षु प्रताप गोपेंद्र व पुलिस टीम पर साथियों के साथ जानलेवा हमला आदि करने का मामला सुर्खियों में रहा।
तब अशोक वर्मा सपा का नगर अध्यक्ष और अयोध्या विस क्षेत्र संगठन का प्रभारी रह चुका है। मामले में एक मंत्री की मददगार वाली भूमिका पर आईपीएस संघ के कड़े तेवर से सरकार ने मंत्री को पद से हटा दिया था।