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खाद्य पदार्थों के सात नमूने फेल

Sun, 30 Apr 2017 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / फैजाबाद
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बच्चों की सर्वाधिक पसंद आइसक्रीम से लेकर अरहर की दाल में भी मिलावटखोरी पाई गई है। दाल में जहरीले कीड़े मिले तो आइसक्रीम में आर्टीफीशिल स्वीटनर मिला पाया गया। धारा ब्रांड का तेल भी खाने योग्य नहीं मिला। ऐसे सात खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट चौंकाने वाली आई है। ये सभी प्रदेश स्तरीय आगरा की प्रयोगशाला में जांच में फेल मिले हैं। 
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बाजार मिलावटखोरी मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा है। रुदौली तहसील के सुजागंज क्षेत्र के ठकुरान फगौली से मोहित कुमार की आइस कैंडी घोल बनाने वाली फैक्ट्री खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिनेश चौधरी ने 27 मई दो 2016 को आइस कैंडी घोल का नमूना सील किया था।

नमूने को जांच के लिए अगरा लैब भेजा गया था। जांच में कैंडी को मीठा बनाने के लिए आर्टीफीशियल स्वीटनर का प्रयोग किया जाना पाया गया, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए घातक हैं।
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वहीं इसी तहसील क्षेत्र के इसी तिथि को खाद्य सुरक्षा अधिकारी रत्नानकर पांडेय पूरे मीयां रुदौली के वीरेन्द्र कुमार की फर्म से आइसकैंडी घोल का नमूना सील किया गया था। इस घोल में भी आर्टीफीशियल स्वीटनर मिलाया गया पाया गया है।

इसी प्रकार खाद्य सुरक्षा अधिकारी विवेक त्रिवेदी ने 14 मार्च 2016 को खैरनपुर स्थित अभिषेक कुमार की दुकान से धारा ब्रांड के सरसों के तेल का नमूना सील किया था। जांच में धारा ब्रांड का तेल भी खाने योग्य नहीं है।

त्रिवेदी ने ही मवई चौराहे से आशीष कसौंधन की दुकान से परिचय ब्रांड का हल्दी पाउडर का नमूना सील किया गया था, यह भी अनसेफ पाया गया है। इसी प्रकार पटरंगा बाजार के अभय ट्रेडर्स से 29 जुलाई को संकलित राजब्रांड का मिर्च पाउडर, अयोध्या के लक्ष्मण घाट स्थित विजय कुमार की दुकान से 11 अप्रैल 2016 को सील किया गया कुट्टू की दलिया का नमूना अनसेफ पाया गया है।

वहीं रामपुर भगन बाजार से सात सितंबर को खाद्य सुरक्षा अधिकारी सूर्यमणि ने दिलीप कुमार की दुकान से अरहर की दाल का नमूना सील किया था। जांच में जहरीले कीड़े पाए जाने की पुष्टि हुई है। 

अभिहित अधिकारी दीपक सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सभी खाद्य विक्रेताओं को नोटिस भेज दिया गया है। एक माह के अंदर वह सेंट्रल लैब से अपने नमूने की जांच कराना चाहते हैं तो करा लें, नहीं तो उनके ऊपर वाद दायर कर मुकदमा चलाया जाएगा।
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