संभागीय परिवहन अधिकारी, आरआई व दो लिपिकों को कोर्ट ने लूट, धमकी समेत अन्य मामलों में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है।
ये आदेश हिंदू महासभा के अध्यक्ष अजय सिन्हा की ओर से दायर परिवाद पर सुनवाई के बाद सीजेएम देवकांत शुक्ल की अदालत से हुआ है।
मामले में अगली पेशी एक दिसंबर नियत करते हुए सबको कोर्ट में उपस्थित होने के लिए समन जारी करने का आदेश भी हुआ है।
अधिवक्ता पीके तिवारी ने बताया कि हिंदू महासभा के अध्यक्ष ने कोर्ट में दाखिल परिवाद में कहा था कि महासभा के पदाधिकारी राकेश दत्त मिश्र अपने वाहन का परमिट बनवाने आरटीओ दफ्तर गए थे।
आरोप है कि वहां उनसे लिपिक केके श्रीवास्तव ने रिश्वत मांगी थी। इसकी शिकायत उन्होंने संभागीय परिवहन अधिकारी चुन्नीलाल प्रजापति से की थी।
राकेश 10 फरवरी 2011 को शिकायती प्रार्थनापत्र पर कार्रवाई की जानकारी करने गए थे। आरटीओ कार्यालय पहुंचते ही शिकायत से गुस्साए चुन्नीलाल ने गालियां देते हुए कहा कि उन्हें नेताओं को भी धन देना पड़ता है।
यदि वह रिश्वत लेंगे नहीं तो देंगे कैसे। इसी दौरान लिपिक केके श्रावास्तव, अशोक वर्मा व आरआई बीके सिंह भी चुन्नीलाल के कार्यालय में पहुंच गए।
वहां सभी ने मिलकर राकेश को पीटा और सोेने की चेन व दो हजार रुपये छीन लिए। इस घटना को राकेश के साथ कार्यालय गए राकेश जायसवाल व एक अन्य ने भी देखा।
कोर्ट ने सुनवाई के बाद सबको प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए विचारण के लिए तलब किया है।