तारुन थाना क्षेत्र के टिकरी गांव में रविवार रात एक रिटायर्ड हेड कान्स्टेबल ने अपने घर में लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह अपने घर पर अकेले ही रहता था जबकि परिवार गांव के दूसरे मकान में रहता था।
रिटायर्ड हेड कान्स्टेबल जवाहर लाल कोरी (65) अपने पैतृक गांव टिकरी में बेटों व पत्नी से अनबन के कारण अकेले ही घर में रहता था। पत्नी प्रेमा देवी व बेटा कृष्ण कुमार गांव के दूसरे मकान में रहते थे। बड़ा बेटा अरुण कुमार यूपी पुलिस में सिपाही है और लखनऊ में रहता है।
कृष्ण कुमार ने बताया कि रविवार की रात नौ बजे पिता को उनके कमरे पर भोजन पहुंचा दिया गया था। स्थानीय लोगों ने बताया कि देर रात में जवाहर लाल घर के अंदर से चैनल गेट में ताला लगाकर अपनी लाइसेंसी बंदूक को गले में सटाकर गोली मार ली।
सोमवार की सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो खिड़की व चैनल से अंदर देखा गया तो जवाहर लाल का शव खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। बेटे कृष्ण कुमार ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी पीएन तिवारी ने बताया कि आत्महत्या में प्रयोग की गई बंदूक को कब्जे में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
खुदकुशी के पीछे पारिवारिक मतभेद उभर कर सामने आए हैं। जिसकी वजह से जवाहर लाल की अपने ही परिवार से अनबन चली आ रही थी।