ट्रेनों में आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश के लिए एडीजी रेलवे जावीद अहमद ने दरोगाओं व प्रभारी निरीक्षकों को भी ट्रेन में एस्कॉर्ट करने को कहा है। प्रभारियों को रेंडम चेकिंग का भी दायित्व दिया गया है।
अब तक यह काम सिपाहियों के ही जिम्मे था। साहब लोग सिर्फ अपराधों की विवेचना और अंकुश तक ही सीमित थे। नये निर्देश में इन दरोगाओं को रात्रि में गुजरती ट्रेनों में ड्यूटी करनी होगी।
रात में गुजरती ट्रेनों में एस्कॉर्ट करते सिपाही जाग रहे हैं अथवा खर्राटे ले रहे हैं, इसकी निगहबानी दरोगा करेंगे। फैजाबाद की बात करें तो यहां की टीम सुरक्षा के बीच ट्रेनों को लखनऊ तक पहुंचायेगी और लायेगी।
वाराणसी की टीम यह काम फैजाबाद तक देखेगी। सूत्रों के अनुसार, एडीजी रेलवे का जोर ट्रेनों में सतर्कता और सुरक्षा पर है। रात में गुजरने वाली सभी ट्रेनों में सुरक्षा बलों को लगाये जाने को कहा गया है।
फैजाबाद की पुलिस अप डाउन की पांच जोड़ी प्रयाग-फैजाबाद पैसेंजर., सरयू एक्सप्रेस, धनबाद-फिरोजपुर किसान एक्सप्रेस, साबरमती एक्सप्रेस और फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस में एस्कॉर्ट करती है।
रात्रिकालीन दूसरी ट्रेनों में या तो दूसरे थानों की जीआरपी-आरपीएफ एस्कोर्ट करती है अथवा बिन एस्कॉर्ट ट्रैक पर दौड़ती हैं। सूत्रों के अनुसार, जीआरपी थाना प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा मरुधर को लखनऊ पहुंचायेंगे-लायेंगे अथवा रेंडम चेकिंग करेंगे।
अयोध्या के चौकी प्रभारी मानवेंद्र पाठक अयोध्या से कैफियात एक्सप्रेस में यह दायित्व निभायेंगे। दरोगा विजय कुमार शर्मा और रहमतुल्लाह रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक स्टेशन से गुजरने वाली ट्रेनों में एस्कॉर्ट कर रहे जवानों की कार्य प्रणाली परखेंगे।
सीनियर दारोगा इंद्रजीत कुमार आर्या चेकिंग के साथ ही रिलीवर का कार्य करेंगे। प्रभारी निरीक्षक दिनेश कुमार वर्मा ने बताया कि एडीजी रेलवे के आदेश पर जिम्मेदारियों का निर्धारण कर दिया गया है।
कौन दरोगा, सिपाही और वह खुद किस ट्रेन की सुरक्षा देखेंगे, परखेंगे इसे नहीं बता सकते। हो आदेश पर अमल शुरू हो गया है।