अयोध्या कोतवाली के माझा बरहटा के ग्राम प्रधान पवन यादव को मंगलवार पुलिस ने दबिश देकर धर दबोचा। उसे कुछ माह पहले माझा में खनन निरीक्षक पर हमले के आरोप में गिरफ्तार कर बुधवार को जेल भेज दिया गया।
मामले को लेकर पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय ने पुलिस के खिलाफ साथियों के साथ सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है। कार्रवाई के पीछे जाति विशेष का प्रधान होने का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने प्रधान को खनन का पुराना शातिर ठहराया है।
अयोध्या कोतवाल प्रमोद कुमार पांडेय का कहना है कि माझा बरहटा के ग्राम प्रधान पवन यादव काफी दबंग किस्म व्यक्ति है। चुनाव से पहले खनन अधिकारी पर जानलेवा हमले का आरोपी था। विवेचना में आरोप सही पाए जाने पर फरार प्रधान को मंगलवार छापा मारकर पकड़ा गया।
इसके पहले भी उस पर दबंगई, मारपीट के कई मामले दर्ज थे। उधर, मामले को लेकर पूर्व मंत्री पवन पांडेय ने बुधवार को प्रेसवार्ता में दावा किया कि प्रधान न तो बालू खनन में शामिल था और न ही पुलिस उसके घर से बालू, जेसीबी या ट्रैक्टर-ट्रॉली बरामद कर सकी है।
पुलिस ने झूठी वाहवाही लूटने और गुडवर्क के लिए ‘जाति विशेष’ का प्रधान होने के कारण कार्रवाई की है। जो व्यक्ति माझा में बालू खनन में लिप्त है, उसे पुलिस का संरक्षण है और पकड़ा नहीं जा रहा है।
एसएसपी, सीओ व कोतवाल अयोध्या उन्हें दिन भर यह नहीं बता सके कि प्रधान को किस जुर्म में थाने पर बैठाया गया है। देर शाम अयोध्या कोतवाल ने उनसे कहा कि ‘आप तो सब जानते हैं, पुराने बालू खनन’ मामले में प्रधान का चालान कर रहे हैं। कहा कि प्रतिनिधि मंडल के साथ एसएसपी और डीएम से गुरुवार को मुलाकात करेंगे।