मवई थाना क्षेत्र में सौतेले पिता की ओर से 12 वर्षीय बेटे की संदिग्ध मौत के बाद आननफानन में अंतिम संस्कार शुरू कर दिया। गांव वालों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने गुरुवार को चिता बुझवाकर अधजले शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया।
मृतक के परिवार के लोग घर छोड़कर भाग गये हैं। क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। थाना क्षेत्र के सिपहिया गांव में गुरुवार सुबह एक बालक के शव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था।
गांव के लोग इकट्ठा हुए और पड़ताल की तो मृतक लवकुश के सौतेले पिता आशाराम ने बताया कि लवकुश को रात में सांप ने काट लिया था। ग्रामीणों को यह बात हजम नहीं हुई और किसी ने मामले की सूचना पुलिस को दे दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने पड़ताल की तो लोगों ने बताया कि सर्पदंश से मौत हुई है तो गुपचुप तरीके से भोर में ही अंतिम संस्कार की जरूरत क्यों पड़ी? जिसके चलते मामला संदिग्ध जान पुलिस ने चिता को बुझवाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवा दिया।
पड़ताल में ग्राम प्रधान के आम के बाग की रखवाली कर रहे सोनू ने बताया कि भोर में गांव के ही रामफेर रावत और ज्ञानचंद बाग के पूरब एक लड़के का शव छिपा रहे थे। उसने दोनों को वहां से तुरंत चले जाने को कहा तो वह लोग शव लेकर एक दूसरे बाग में चले गये।
ग्राम प्रधान इरफान का कहना है कि लड़के का पिता उनके पास आया था और पंचनामा कराने की बात कह रहे थे। पुलिस को सूचित करने की बात कही तो वह लोग चले गये। थोड़ी देर बाद पता चला कि शव जला दिया गया। इस बाबत मवई थाना प्रभारी जयवीर सिंह ने बताया कि घर वालों का कहना है कि लवकुश भोर चार बजे आम बीनने गया था।
लौट कर आया तो बताया कि पैर में दर्द हो रहा है। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट होगी। जांच कराई जा रही है।