अयोध्या कोतवाली क्षेत्र से लापता हुए दोनों युवक पुलिस की हिरासत में हैं। इसका खुलासा मंगलवार को अयोध्या पुलिस ने किया है।
पुलिस का कहना है कि क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम ने जाली नोटों की तस्करी की योजना बनाने के लिए देवकाली पुल के नीचे एकत्र तीन युवकों को पकड़ा है।
हालांकि स्वाट टीम प्रभारी कुछ भी बता पाने में असमर्थता जता रहे हैं। रौनाही थाना क्षेत्र के कोला निवासी राशिद (32) के अपहरण की आशंका जताते हुए उसकी मां ने एसएसपी से शिकायत दर्ज कराई थी।
बताया था कि अयोध्या कोतवाली के शहनवां गांव स्थित अपनी रिश्तेदारी में आये राशिद का सुराग नहीं मिल पा रहा है। गांव की रंजिश के चलते अपहरण तथा अनहोनी का आशंका भी जताई थी।
वहीं सोमवार को शहनवां गांव निवासी मोनिस के लापता होने को लेकर भी इलाकाई पुलिस से शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत पर अयोध्या पुलिस ने गांव पहुंच बयान दर्जकर छानबीन शुरू की थी।
पंचायत चुनाव को लेकर युवकों के लापता होने का मामला गरमाने लगा।
मंगलवार को पुलिस सूत्रों की ओर से चर्चा फैलाई गई कि स्वाट टीम ने देवकाली पुल के नीचे से राशिद व शेरू निवासी कोला थाना रौनाही और मो. मोनिस निवासी शहनवां को जाली नोट की तस्करी की योजना बनाते गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए तीनों युवक हत्या के एक मामले में वांछित हैं और कुछ दिन पूर्व जमानत पर बाहर आये हैं।
कारागार में तीनों की मुलाकात पश्चिम बंगाल निवासी जाली नोटों के तस्कर जियाउल हक से हुई थी। वहीं से जाली नोटों की तस्करी की योजना परवान चढ़ी।
अयोध्या कोतवाल नरेंद्र सिंह ने बताया कि शहनवां निवासी मोनिस के लापता होने की जानकारी पर परिवारीजनों व ग्रामीणों का बयान लेकर गुमशुदगी दर्ज किए जाने की तैयारी की जा रही थी कि युवकों के क्राइम ब्रांच की ओर से पकड़े जाने की जानकारी मिल गई।