कैंट थानाक्षेत्र में कोटसराय ओवरब्रिज के पास सोमवार दोपहर में हाईवे पर 16 लाख 22 हजार 480 रुपये लूटने की वारदात से दहशत फैल गई। कार सवार चार बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में नवरंग पेट्रोल पंप का कैश लेकर जा रही स्कूल बस ओवरटेक कर पहले रोका, फिर रिवॉल्वर व तमंचा सटाकर नगदी से भरा बैग छीन फरार हो गए। पेट्रोल पंप मालिक की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, कार का पीछा करने की कोशिश भी हुई लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
आईजी ओंकार सिंह, एएसपी जोगेंद्र कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पूछताछ की। पुलिस रास्ते में लगे कुछ सीसीटीवी खंगालने में जुटी है। पेट्रोल पंप एसोसिएशन के लोगों ने भी मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने की मांग की।
शहर से करीब 11 किमी. दूर कैंट थानाक्षेत्र के सलारपुर में हाईवे किनारे नवरंग पेट्रोल पंप स्थित है। पेट्रोल पंप के मालिक रावेंद्र सिंह के मुताबिक सोमवार दोपहर करीब 1 बजे शनिवार, रविवार व सोमवार दोपहर तक पेट्रोल-डीजल बिक्री का मौजूद कैश कुल 16 लाख 22 हजार 480 रुपये लेकर कैशियर रौनाही थानाक्षेत्र के अरकुना गांव निवासी डीगेंद्र वर्मा निजी स्कूल की बस से स्टेट बैंक की शाखा में जमा करने निकला।
पंप से करीब तीन किमी. दूर कोटसराय ओवरब्र्रिज के पास ही बस पहुंची थी कि पीछे से सफेद रंग की इंडिगो कार ने ओवरटेक कर बस रोक ली। जब तक चालक व कैशियर कुछ समझ पाते कार सवार चार बदमाशों ने बस में घुसकर चालक व कैशियर पर रिवॉल्वर व तमंचा तान दिया। कैशियर की पिटाई भी की और लेदर बैक में रखी पूरी नकदी लूट ली।
घटना के बाद असलहा लहराते हुए बदमाश फरार हो गए। पेट्रोल पंप के मालिक रावेंद्र सिंह का कहना है कैशियर ने मामले की सूचना सबसे पहले उन्हें दी, फिर उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम समेत अधिकारियों को सूचित किया। स्कूल बस उनके स्कूल की थी, बस रौनाही थानाक्षेत्र के परशुरामपुर निवासी छोटेलाल चला रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही कैंट पुलिस मौके पर पहुंची, आनन-फानन आईजी ओंकार सिंह, एसएसपी योगेंद्र कुमार, सीओ सिटी धनंजय कुशवाहा ने जांच-पड़ताल की है। पीड़ित पंप मालिक का कहना है कि मामले की तहरीर चार अज्ञात बदमाशों के खिलाफ कैंट थाने में दी गई है। सीओ सिटी का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। रास्ते में पड़ने वाले टोल प्लाजा समेत सीसीटीवी भी खंगाली जा रही है। पुलिस स्केच भी बनवाने का प्रयास कर रही है।
आईजी अयोध्या ओंकार सिंह ने बताया कि चालक-कैशियर व आसपास के लोगों से पूछताछ व जांच में सामने आया है कि बस को जबरदस्ती ओवरटेक कर नहीं बल्कि आगे से इशारा कर रोका गया था। मौके पर न बस का कोई शीशा तोड़ा गया न फायर हुआ है। जहां घटना हुई वहां 7-8 मकान भी है। हमेशा चहल-पहल रहती है।
किसी को कानो कान खबर नहीं हुई। हाईवे पर हमेशा वाहन गुजरते रहते हैं। छानबीन की जा रही है। पांच टीमें लगाई गई है। जल्द सच्चाई सामने लाई जाएगी। पुलिस ने पेट्रोल पंप पर लगे कैमरे को भी खंगाला है। पेट्रोल पंप के मालिक रावेंद्र सिंह ने बताया कि उसमें संदिग्ध कार कहीं नहीं दिखी न ही कैशियर-चालक की ओर से बताए गए हुलिया का कोई व्यक्ति ही मिला है।