अयोध्या में व्यापारी की पिटाई के विरोध में दुकानें बंद कर प्रदर्शन करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
वाहन खड़ा करने के मामूली विवाद पर रविवार की शाम नजरबाग मोहल्ले में स्थित एक कारखाने में घुसे तीन नागा साधुओं ने व्यापारी व उसके नौकर पर हमला बोल दिया। गंभीर रूप से घायल व्यापारी व कर्मचारी को श्रीराम अस्पताल भर्ती कराया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
व्यवसायी की पिटाई की सूचना पर व्यापारी आक्रोशित हो सड़क पर आ गए। हनुमानगढ़ी समेत नगरी के सभी बाजार को बंद कराकर आरोपी साधुओं की गिरफ्तारी की मांग कर प्रदर्शन करने लगे। खबर लिखे जाने तक मामले पुलिस जांच-पड़ताल व समझाने में जुटी है।
हरद्वारी बाजार निवासी मिश्रीलाल गुप्त ने बताया कि उनकी दुकान बाजार में और कारखाना नजरबाग में है। दोपहर को चार पहिया वाहन से सामान आया था, जो कारखाने में उतरवाया जा रहा था। हरद्वारी बाजार के ही तीन नागा साधु गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद करने लगे।
विरोध किया तो वह चले गए लेकिन कुछ देर बाद शाम लगभग पांच बजे तीनों लौटे और कारखाने में घुस कर उनके लगभग 30 वर्षीय भाई कृष्ण कुमार गुप्त को लोहे के पलटा, पौना व डंडे से पीटने लगे। विरोध करने पर कर्मचारी 28 वर्षीय शानू को भी मारा-पीटा, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
दोनों को श्रीराम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कृष्ण कुमार को 14 टांके लगाए और दोनों को गंभीर बताते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया। व्यापारी की पिटाई की सूचना पर आक्रोशित व्यापारी सड़क पर आ गए। देखते ही देखते हनुमानगढ़ी परिक्षेत्र की सभी प्रसाद की दुकानें बंद हो गई।
व्यापारियों का समूह दंत धावन कुंड से नयाघाट तक प्रदर्शन करते हुए निकला और बाजार बंद कराकर आरोपी साधुओं की गिरफ्तारी की मांग करने लगा। पुलिस भी कानून-व्यवस्था संभालने के लिए सक्रिय हो गई। थानाध्यक्ष रामजन्मभूमि दिनेश्वर पांडेय ने बताया कि तहरीर नहीं मिली है। तीन अज्ञात लोगों का नाम बताया जा रहा है। तहरीर मिलते ही दबिश देकर गिरफ्तारी की जाएगी।