मिनरल वाटर प्लांट लगाने के लिए महिला पारिवारिक मित्र ने शहर के कारोबारी से लाखों रुपये लिये। प्रोजेक्ट घाटे का सौदा साबित हुआ तो रकम वापसी की मांग उठी।
रकम वापसी के कई चेक खाते में रकम न होने के चलते बाउंस हो गये। कारोबारी ने महिलाओं के खिलाफ 40 लाख 65 हजार रुपये के गबन की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कैंट थानाक्षेत्र के सहादतगंज शिवनगर कॉलोनी निवासी अजय सिंह का पेट्रोल पंप और ठेकेदारी का व्यवसाय है।
लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र स्थित वसुंधरा रेजीडेंसी नौबस्ता कला निवासी राका सिंह उनकी पूर्व परिचित और पारिवारिक संपर्की हैं।
कुछ दिनों पूर्व राका ने एक अन्य महिला के साथ मिलकर लखनऊ में मिनरल वाटर प्लांट लगाने की योजना तैयार की और इसमें मदद के लिए कारोबारी अजय सिंह को तैयार किया।
कारोबार शुरू करने के लिए शहर निवासी व्यवसायी से महिलाओं ने किश्तों में लाखों रुपये लिये। दोनों पक्षों के बीच साझेदारी देने अथवा ली गई रकम वापस करने की सहमति बनी थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
मिनरल वाटर प्लांट घाटे का सौदा साबित होने लगा तो कारोबारी अजय सिंह की ओर से रकम वापसी की मांग शुरू कर दी गई। हीलाहवाली व टालमटोल के बाद महिला ने रकम वापसी के लिए चेक काट दिये।
इन चेकों को भुगतान के लिए बैंक शाखा में लगाया गया तो संबधित के खाते में रकम न होने के चलते चेक बाउंस हो गये। इसके बाद कारोबारी ने शिकायत कैंट थाने में की।
शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अजय सिंह निवासी शिवनगर कॉलोनी सहादतगंज की शिकायत पर राका सिंह समेत दो निवासीगण वसुंधरा रेजीडेंसी नौबस्ता कला थाना चिनहट जिला लखनऊ के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
यह रिपोर्ट गबन, धोखाधड़ी, कूटरचना, गबन व जानमाल की धमकी में दर्ज की गई है। महिलाओं पर कारोबार के नाम पर 40 लाख 65 हजार रुपये हड़पने का आरोप है।