सालों पहले स्वर्ग सिधार गए लोगों को ग्राम प्रधान ने मनरेगा के दस्तावेजों में जिंदा दिखाकर हजारों का वारान्यारा कर दिया। इस असलियत का खुलासा जनसूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचना से हुआ।
अब आरटीआई कार्यकर्ता की अर्जी पर कोर्ट ने प्रधान रामचंदर, वीडीओ ओमप्रकाश तिवारी व रोजगार समन्वयक अर्चना त्रिपाठी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश एसओ इनायतनगर को दिया है।
मामला इसी थाने के गांव ढेमा वैश्य का है। अधिवक्ता गौतम तिवारी ने बताया कि आरटीआई कार्यकर्ता संतोष कुमार सोनी ने कोर्ट में अर्जी दी थी।
कहा था कि प्रधान, वीडीओ व रोजगार समन्वयक ने साठगांठ कर छह वर्ष पहले मर चुके लल्लन का जॉबकार्ड बनवा 1 अप्रैल 2011 से 10 अगस्त 1013 तक 78 दिन का व दयाराम के नाम से जॉबकार्ड बना 163 दिन का पैसा हड़प लिया था।
इसकी शिकायत थाने व एसएसपी से की पर सुनवाई नहीं हुई। मामले में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश सीजेएम देवकांत शुक्ला ने किया है।