हत्या के एक मामले में युवक को दोषी पाते हुए कोर्ट ने आजीवन कठोर कारावास की सजा दी है। दोषी पर कोर्ट ने 16 हजार रुपए जुर्माना भी किया है। यह फैसला अपर जिला जज रूपचंद्र राम की कोर्ट से सोमवार को हुआ। मामला कुमारगंज थाने के गांव पूरे नेवाज मजरे हेमराज का है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अजय प्रकाश सिंह ने बताया कि घटना 22 जुलाई 2011 की है। इसी गांव का रामसुमेर यादव व मृतक देवी प्रसाद के मकान गांव में अगल-बगल हैं। रामसुमेर नौकरी के सिलसिले में लुधियाना चला गया। गांव में इस दौरान उसकी पत्नी के संबंध देवी प्रसाद से हो गए।
अभियुक्त घटना के समय घर आया था। उसे पत्नी के साथ अवैध संबंध की जानकारी हुई तो देवी प्रसाद की हत्या का मन बना लिया। घटना वाले दिन रात आठ बजे देवीप्रसाद को चाय पिलाने के बहाने बुलाकर और अमरजीत की दुकान से थोड़ी दूर पहले पूर्व प्रधान समीउल्ला के मकान के खंडहर के पास ले गया।
पहले तो गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी फिर चेहरा पहचानने में न आवे इसके लिए उस पर चाकू से कई वार करके लाश पीठ पर लादकर गांव के ही समीप सड़क के किनारे फेंक दिया। इसकी रिपोर्ट मृतक की पत्नी चंद्रावती ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में लिखाई थी।
दौरान विवेचना घटनास्थल से लिए गए पद चिन्ह का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया। जहां से दोनों पद चिन्ह समान पाए गए। गांव के रामसुमिरन व मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर युवक को दोषी पाते हुए सजा दी गई।