चौदहवें वित्त के धन से एक माह पूर्व शहर के मुख्य मार्गों पर लगाई गई एलईडी लाइटें फ्यूज हो रही हैं। जबकि नगर में कम बिजली खर्च पर दूधिया रोशनी बिखेरने के लिए 25 लाख रुपये खर्च कर 160 एलईडी लाइटें मंगाने का टेंडर हुआ था। लेकिन माह भर के भीतर ही कई लाइटों के खराब होने से अनियमितता की बू आने लगी है।
वहीं पालिका प्रशासन का कहना है कि केवल 25 लाइटों के खराब होने की शिकायत मिली है। नगरपालिका में चौदहवें वित्त से 25 लाख में 160 एलईडी लाइट खरीदने का टेंडर कराया गया था। ठेकेदार ने 17 हजार 500 रुपये में एक एलईडी लाइट आपूर्ति करने का अनुबंध किया।
जिसपर सभासद ताजुद्दीन, इरफान खान व अमित गर्ग ने लाइट मंहगी होने पर पालिका में आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद ठेकेदार ने एलईडी लाइट की कीमत घटा कर 14 हजार 8 सौ रुपये कर दी। ठेकेदार ने एक माह पहले शहर के विद्युत पोलों पर लाइट लगवाना शुरू किया।
सभासद राम सनेही लोधी ने बताया कि भेलसर रुदौली मार्ग पर रेल क्रॉसिंग से लेकर कोतवाली तक लगी आधा दर्जन लाइटें लगने के 10 दिन के अंदर ही खराब हो गईं। मलिकजादा वार्ड के संदीप शुक्ला ने बताया कि अमानीगंज रोड पर लगी कई लाइटें लगने के कुछ दिनों में ही खराब हो गईं।
ऐसी ही शिकायत हिन्दू युवा वाहिनी के नेता सुधीर मिश्रा ने की। कहा कि रेछघाट रोड पर घटिया लाइट लगाई जा रही है जो लगते ही खराब हो जा रही है। अमानीगंज रोड पर रामबाड़ी के आगे सुरेश द्विवेदी के घर के सामने लगी लाइट लगने के चार दिन बाद ही खराब हो गई। पालिका में ही नहीं शहर में भी महंगी और घटिया लाइट खरीदे जाने की चर्चा आम है।
पालिका ने 160 एलईडी लाइट 14 हजार पांच सौ रुपये (प्रति लाइट) में खरीदी है। ठेकेदार ने एक माह पूर्व बिजली के पोलों पर लाइट फिटिंग की है। लगी लाइट खराब होने पर पांच वर्ष तक सही कराना भी शर्तों में शामिल है। शहर में 25 लाइट खराब होने की सूचना मिली है। जिसे सही कराने के लिए ठेकेदार से कह दिया गया है। ठेकेदार ने कुछ लाइटें दो फेस बिजली आने से खराब होने की जानकारी दी है।
-श्यामेन्द्र मोहन चौधरी, ईओ, नगर पालिका परिषद रुदौली