किशोरी का अपहरण कर उसके साथ बतौर पति जीवनयापन कर रहे युवक को कोर्ट ने सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने युवक पर पांच हजार रुपये जुर्माना भी किया है।
फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज राजेश्वर शुक्ल की अदालत से हुआ। मामला कोतवाली अयोध्या का है। एडीजीसी पीएम कुद्दूसी ने बताया कि घटना 17 जनवरी 2013 की है।
रायगंज अयोध्या निवासी अंशुमान तिवारी ने कोतवाली अयोध्या क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली नाबालिग किशोरी का अपहरण कर लिया।
फिर उसके साथ शादी करके बतौर पति-पत्नी रहने लगा लेकिन किशोरी के पिता ने पुत्री के अपहरण की रिपोर्ट लिखाई। मेडिकल के बाद मामले में दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई।
सुनवाई के दौरान पीड़ित किशोरी ने इस बात का शपथपत्र भी दाखिल किया कि वह अब बतौर पत्नी अंशुमान के साथ रह रही है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने किशोरी को नाबालिग मानते हुए सजा दी।