मदरसा निर्माण के लिए रखी ईंटें और खोदी गई नींव।
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ग्रामीणों का कहना है कि प्रकरण की जानकारी तहसील व पुलिस प्रशासन को एक सप्ताह पहले दी थी। क्षेत्रीय लेखपाल सुरेश कुमार सिंह ने दो दिन पूर्व गांव जाकर निर्माण कार्य न करने व विवादित भूमि पर जाने से दोनों पक्षों को मना कर दिया था।
इसके बाद मदरसा निर्माण करने वाले लोग सत्ता पक्ष के एक कद्दावर नेता से सर्किट हाउस में दो दिन पहले मिले और फिर शनिवार से ही निर्माण की तैयारी में लग गए। एसडीएम गिरिजेश चौधरी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मदरसा निर्माण की कोई अनुुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी।
विवादित भूमि सार्वजनिक आबादी की नवीन परती है। इसमें गंगाराम को पट्टा हुआ था, जिस पर उसका मकान अर्धनिर्मित है। गंगा राम ने अपनी नीयत खराब करते हुए खाली पड़ी भूमि 13 गुणे 8 मीटर में दरवाजा खोल लिया। इसी भूमि पर गांव के एक दबंग परिवार की शह पर मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग इस्लामिक स्कूल खोलने लगे, जबकि इतनी कम भूमि पर कोई स्कूल कैसे चल सकता है?
पुलिस ने घर में की तोड़फोड़ : तनाव के बीच रविवार को पुलिस ने उधरनपुर गांव निवासी विक्रमाजीत सिंह के घर में घुसकर तोड़फोड़ की। पुलिस ने उनकी दरवाजे पर खड़ी बाइक, कुर्सी सहित अन्य सामान तोड़ डाला। आरोप है कि इसी परिवार की शह पर मदरसा बनवाने का कार्य शुरू किया गया था।
एक हिस्ट्रीशीटर ने समुदाय विशेष के कुछ लोगों को मदरसा बनाने के लिए उकसाया था। उसकी मंशा दंगा भड़काने की थी। लेकिन पुलिस ने कार्रवाई कर स्थिति संभाल ली है। हिस्ट्रीशीटर वीर बहादुर सिंह की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए हैं। -मोहित गुप्ता, एसएसपी, फैजाबाद