चेन्नई स्थित पीकेएस नामक कंपनी के चेकों का क्लोन बनाकर 65 लाख रुपये की रकम उड़ाने के मामले में चेन्नई पुलिस को मुख्य आरोपी हरवंश सोमवार को भी नहीं मिला। वह यहां एक हैदराबाद से जुड़ी संस्था के साथ बिजली ठेकेदारी का काम करता है, लेकिन कभी चेन्नई नहीं गया, जांच में सामने आया है कि उसे भी चेक देने वाला शातिर कोई और है।
हरवंश की तलाश में पुलिस ने उसके घर समेत संभावित ठिकानों पर छापा मारा। अब तलाश का जिम्मा रुदौली पुलिस व जिले की क्राइम ब्रांच को सौंपा गया है। चेन्नई क्राइम ब्रांच की टीम ने रविवार को क्लोन चेक अपने खाते में लगाने वाले आरोपी रामबचन को गिरफ्तार कर पांच दिन की ट्राजिंट रिमांड हासिल की थी।
चेन्नई स्थित पीकेएस नामक कंपनी का वहीं के इंडियन बैंक शाखा में खाता है। इसी खाते से कंपनी के नाम चेकबुक निर्गत की गई थी। किसी ने निर्गत चेकबुक का क्लोन चेक तैयार कर लिया और इन्हीं क्लोन चेकों के सहारे कंपनी के खाते से रकम उड़ाने की कवायद शुरू हो गई।
कंपनी को खाते से रकम निकाले जाने की जानकारी हुई तो जाचं में पता चला कि चेकबुक तो कंपनी के पास है। क्लोन चेक बनाकर कंपनी को चूना लगाने की रिपोर्ट रायपट्टा थाने में दर्ज कराई गई। इसी बीच रुदौली पीएनबी की खंडासा थाना क्षेत्र के तुलापुर निवासी रामबचन गौतम के खाते में कंपनी के खाते से पांच लाख छह हजार एक सौ एक रुपये की रकम ट्रांसफर होने की जानकारी मिली।
इसके बाद वहां का क्राइम ब्रांच के निरीक्षक सत्यशीलन व उपनिरीक्षक भाष्कर कोटनरमन टीम के साथ फैजाबाद के लिए रवाना हुए। जनपद पहुंची चेन्नई क्राइम ब्रांच की टीम ने रुदौली क्षेत्र के रामबचन को गिरफ्तार कर लिया।