गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के लिए शनिवार दोपहर आरपीएफ और जीआरपी ने एकसाथ मॉकड्रिल किया। जवानों ने आतंकी हमले अथवा अन्य किसी आपात स्थिति से निपटने का रिहर्सल किया तो कुछ पल के लिए यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
एकाएक असलहों से लैस जवानों को इधर-उधर दौड़ते देख लोगों ने समझा कि शायद कोई आतंकी हमले जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाद में सभी को पता चला कि ये आपदा, आतंकी हमले अथवा ट्रेन दुर्घटना जैसे हालात से निपटने का रिहर्सल था।
जवानों का मॉकड्रिल ऐसा चला कि मानो सचमुच स्टेशन और यात्री विपत्ति में फंस गए हों। कुछ जवान हमलावर तो कुछ बचाव की भूमिका में दिखे। आरपीएफ इंस्पेक्टर व जीआरपी के प्रभारी थानाध्यक्ष के नेतृत्व में दोनों बलों के जवानों को अचानक रेलवे स्टेशन पर सक्रिय देख यात्री-कर्मचारी भौचक रह गए।
सद्भावना एक्सप्रेस व प्रयाग पैसेंजर स्टेशन पर रुकी तो जवानों ने यात्रियों और उनके लगेज की सघन चेकिंग की। इसके साथ ही जवानों ने यात्री प्रतीक्षालय, आरक्षण केंद्र, साधारण श्रेणी टिकट घर और प्लेटफार्मों पर लगेज के साथ बैठे यात्रियों की तलाशी ली। पार्किंग स्टैंड, पार्सल घर व सर्कुलेटिंग एरिया की सघन तलाशी ली गई। जीआरपी प्रभारी भूपेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तलाशी अभियान में अवैध सामान नहीं मिला।