दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान शहर में हुए दंगे में लूट व आगजनी के 20 आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया है। यह आदेश अपर जिला जज सुरेश कुमार शर्मा की कोर्ट से हुआ।
मुकदमे में बचाव पक्ष के अधिवक्ता आलोक खरे ने बताया कि वर्ष 2012 में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए दंगे में पूराकलंदर थाने के कैल डिहवा निवासी इस्माइल ने रिपोर्ट लिखाई थी।
इसमें कहा था कि 24 अक्तूबर 2012 को त्रिलोकी नाथ उर्फ चोंधे, सुरेशचंद्र, फूलचंद्र चौहान, ओमप्रकाश, वेद प्रकाश, बलराम, गया प्रसाद, पल्लू, राज कुमार तेली, रंजीत उर्फ घमंडू, गंगाराम मौर्य, जुग्गीलाल मौर्य, रामजनम, नंदा यादव, राम बहादुर, ननकू, अजय यादव, लल्लू यादव, मनीराम, हरीराम, अज्जू, राम कुमार, सुखदेव, रामजी, रामनयन, अरविंद, दिनेश पांडेय उसके घर आए और नारेबाजी करते हुए लूटपाट की।
दूसरे दिन भी आकर लूटपाट की और उसकी आरा मशीन में आग लगा दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।