जिला नगरीय विकास अभिकरण के तहत आजीविका के लिए ऋण दिलाने के नाम पर मोटी रकम हड़पने तथा फर्जी चेक थमा देने के मामले में अदालत के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। यह रिपोर्ट बैंक के शाखा प्रबंधक समेत दो के खिलाफ दर्ज हुई है।
नगर कोतवाली के कसाबबाड़ा जीआईसी रोड फतेहगंज निवासी तौहीद अहमद का कहना है कि उन्होंने अभिकरण की योजना में ऋण के लिए आवेदन किया था। विभाग ने उनका प्रार्थना पत्र सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया विवि शाखा भेज दिया।
वह शाखा प्रबंधक से मिले तो वह आनाकानी करते रहे। इसी बीच अखिलेश कुमार श्रीवास्तव निवासी बेगमगंज मकबरा कोतवाली नगर ने उनका ऋण पास कराने की बात कही और कहा कि इसके लिए शाखा प्रबंधक को सुविधा शुल्क अदा करना होगा।
सुविधा शुल्क के नाम पर उनसे 65 हजार रुपये लिये गये और ऋण की राशि का चेक थमा दिया गया। चेक उन्होंने अपने खाते में लगाया तो वह डिस ऑनर हो गया। पता चला कि चेक फर्जी है। तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की तो अदालत का सहारा लेना पड़ा।
नगर कोतवाल एएम जायसवाल ने बताया कि अदालत के आदेश पर शाखा प्रबंधक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा अवध विश्वविद्यालय व अखिलेश कुमार श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी व कूटरचना का केस दर्ज किया गया है।