हालांकि युवकों की साजिश सफल नहीं हो पाई और हल्ला गुहार पर मोहल्लेवासियों ने एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जबकि उसके तीन साथी मौके से फरार होने में सफल रहे।
बहराइच के मडनापुर स्टेट के राजा विजय प्रताप सिंह ने अयोध्या के लक्ष्मणघाट क्षेत्र में बड़ी बौड़ी माता का मंदिर बनवाया था। वर्तमान में मंदिर का मालिकाना हक किरन सिंह के नाम है और पूजा-पाठ का काम पुजारी आदित्य प्रकाश तिवारी देखते हैं।
मंदिर में पुजारी की पत्नी कमला देवी के अलावा जुड़वां शहर स्थित कॉलेजों में शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्र रवि, आलोक सिंह, देवनरायन शुक्ला, अतुल व राहुल पांडेय निवास करते हैं।
बताया गया कि रविवार दोपहर बाद चार युवक मंदिर पहुंचे और पुजारी से मलमास माह के मद्देनजर अभिषेक व भंडारा कराने की इच्छा जाहिर की। पुजारी ने इसके लिए सहर्ष सहमति दे दी और भंडारे के लिए सोमवार का दिन नियत कर दिया गया।
दोनों युवकों की ओर से लाए गये रबड़ी, केला, सेब आदि का पुजारी ने भोग लगा दिया। देर शाम पूजन-अर्चन के बाद पुजारी दंपती के साथ अन्य ने इसको प्रसाद के रुप में ग्रहण किया और एक-एक कर बेहोश होने लगे।
इसके बाद युवकों ने बेहोश पुजारी व अन्य को उठाकर कमरे में बंद करना शुरू किया तो एक छात्र ने माजरा भांप लिया और बाउंड्रीवाल कूद बाहर निकल रात लगभग 10 बजे गोहार मचा दी।
गोहार पर मोहल्ले के लोग एकत्र हो गये और एक युवक को पकड़ लिया, जबकि इनके तीन साथी मौके से फरार होने में सफल रहे।
बेहोश पुजारी बहराइच के थाना रामगंज स्थित खतहा मोहम्मदपुर निवासी 75 वर्षीय आदित्य प्रकाश तिवारी, उनकी पत्नी 72 वर्षीय कमला देवी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और छात्रों रवि, आलोक व देवनरायन को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस ने पड़ोस में रहने वाले दीपक से तहरीर लेकर दो-तीन अज्ञात के खिलाफ लूटपाट की कोशिश, जहरीला पदार्थ खिलाकर बेहोश करने आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।
पुलिस हिरासत में लिये गये गोंडा जिले के छपिया थाना क्षेत्र स्थित भवानीपुर निवासी एक युवक से पूछताछ कर रही है। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार सिंह ने बताया कि प्रकरण में दो-तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। हिरासत में लिये गये युवक से जानकारी हासिल की जा रही है।