एटीएस के हत्थे चढ़े ख्वासपुरा की कंघी गली निवासी आफताब अली पाकिस्तान में अपनी ननिहाल कराची में रहने के दौरान आईएसआई के संपर्क में आया। तीन साल से बगैर काम-धंधे की उसकी शानो-शौकत बेहद बढ़ गई थी।
वह दोस्तों पर खूब पैसा तो लुटाता ही था, तीन मंजिला इमारत भी खड़ी कर ली थी। मगर उसकी काली कमाई की भनक स्थानीय पुलिस व खुफिया तंत्र को नहीं हो पाई।
आईएसआई एजेंट आफताब अली ने कुछ दिन सहादतगंज की एक डेयरी पर पैकेजिंग का काम किया था।
उसके पिता वाजिद अली शहर के एक ऑटो दुकान पर मिस्त्रीगीरी व भाई वकार अली बढ़ईगीरी का काम करता है। दो बहनों में एक की शादी हो चुकी है और दूसरी अभी छह साल की है। आफताब ने पाकिस्तान के कराची स्थित ननिहाल व लाहौर की कई बार यात्रा की और वहीं 2014 में आईएसआई के संपर्क में आया।
पाक दूतावास में बैठे आईएसआई के अधिकारियों के इशारे पर सैन्य क्षेत्र डोगरा रेजीमेंटल सेंटर व अयोध्या का साइकिल से भ्रमण करना व नक्शा व फोटो समेत वीडियो फुटेज आईएसआई को उपलब्ध कराने का काम करता था।
इसके एवज में गुजरात के जावेद के कहने पर वहीं के राजकोट निवासी हवाला कारोबारी अल्ताफ कुरैशी ने उसे मोटी रकम का भुगतान किया। मोहल्ले के नसीम कहते हैं कि आफताब को देखकर ऐसा नहीं लगता था कि वह देश विरोधी काम में लगा है। खालिक अहमद ने कहा कि अगर दोषी है तो सजा मिलनी चाहिए।
मो. वसीम व जावेद का कहना था कि आफताब दोस्तों पर खूब पैसा खर्च करता था, उसका घर भी बन गया मगर यदि देश के गद्दारी करके जिदंगी जीनी है तो जीना बेकार है। एसएसपी अनंतदेव ने बताया कि आफताब के लोकल कनेक्शन की जांच के लिए टीम बनाई गई है।