बीकापुर। करंट से पल भर में एक परिवार की खुशियां छिन गईं। फर्राटा पंखा ऑन करते ही मां करंट से तड़पने लगी। मां को तड़पता देख बेटी बचाने दौड़ी।
तभी वह भी करंट की चपेट में आ गई। थोड़ी ही देर में दोनों ने तड़प-तड़प कर मौत हो गई। घटना से परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बेटी हाईस्कूल की छात्रा थी।
बीकापुर कोतवाली अंतर्गत मोतीगंज पुलिस चौकी क्षेत्र के नदौना शंकरपुर निवासी जैसराज हैरिंगटनगंज बाजार के पास एक निजी कंपनी के टावर पर काम करते हैं। रविवार दोपहर एक बजे उनकी पत्नी प्रभादेवी (40) और पुत्री प्रिंसी (16) घर पर थीं।
फर्राटा पंखा चलाते समय प्रभादेवी पंखे में उतरे करंट की चपेट में आ गईं। मां को तड़पता देख प्रिंसी बचाने दौड़ी तो वह भी करंट की चपेट में आ गई। दोनों बेहोश होकर नीचे गिर गईं।
मौके पर पहुंचे परिवारीजनों ने दोनों को निजी वाहन से सीएचसी बीकापुर पहुंचाया, जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सक सतीश चंद्रा ने बताया कि अस्पताल लाने के पूर्व ही मां-बेटी की मौत हो चुकी थी। मामले की सूचना कोतवाली में दी गई है।
परिवारीजनों को रो-रोकर बुरा हाल
मां-बेटी की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। ग्राम प्रधान याकूब बेग ने बताया कि प्रभा देवी के तीन बच्चे हैं। पुत्री प्रिंसी हाईस्कूल की छात्रा थी।
मौत से महिला के पति व दोनों बच्चों पवन व पंकज का रो-रो कर बुरा हाल है। कोतवाल सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घटना के विषय में उन्हें तहरीर नहीं दी गई है। अस्पताल से सूचना मिली है।