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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व धमकी देने का केस दर्ज

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फैजाबाद। कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. निर्मल खत्री समेत तीन लोगों पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने व धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। नगर कोतवाली के चौक स्थित कोठापार्चा निवासी समीर पांडेय ने तीन अक्तूबर को फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। समीर के सुसाइड नोट में कांग्रेस नेता का जिक्र था। हालांकि कांग्रेस नेता ने आरोपों को आधारहीन बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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तीन अक्तूबर को शहर के कोठापार्चा निवासी समीर पांडेय (41) ने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतक ने सुसाइड नोट छोड़ा था, जिसमें कांग्रेस नेता डॉ. निर्मल खत्री से मुकदमा न लड़ने की सलाह दी थी। गुरुवार की रात समीर के पिता अंजनी कुमार पांडेय ने नगर कोतवाली पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि उनके नाना पं. कालिका प्रसाद मिश्र ने राम वल्लभा भगवंत विद्यापीठ ड्यूढ़ी सोहावल की स्थापना की थी। बाद में मिश्र ने उनके पिता सोमदत्त पांडेय को सोसाइटी का प्रबंध तंत्र सौंप दिया था।

आरोप है कि कांग्रेस नेता निर्मल खत्री के पिता नारायन दास खत्री ने कूटरचित अभिलेख तैयार कराकर सोसाइटी व विद्यालय पर कब्जा कर लिया। जिसका विवाद न्यायालय में लंबित है। इसका मुकदमा लड़ने से निर्मल खत्री नाराज थे और केस वापस लेने की धमकी दे रहे थे। उनका बेटा कहता था कि कांग्रेस नेता प्रभावशाली हैं, उनके साथ जुड़े विद्यालय के प्रधानाचार्य आलोक तिवारी व कर्मचारी सुखदेव तिवारी बदमाश किस्म के हैं। वह केस वापस न लेने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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बीती दो अक्तूबर की रात उनके बेटे समीर ने उनसे कहा कि पापा, निर्मल खत्री से केस वापस ले लो अन्यथा वह आपको छोड़ेंगे नहीं। इसके बाद सुबह उसने आत्महत्या कर ली। नगर कोतवाल अमर सिंह ने बताया कि अंजनी पांडेय की तहरीर पर डॉ. निर्मल खत्री, आलोक तिवारी व सुखदेव तिवारी पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने, जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है।

निर्मल खत्री बोले, मुझे ब्लैकमेल करने व फंसाने की साजिश
पूर्व सांसद निर्मल खत्री ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मृतक के परिवार के प्रति उनकी सहानुभूति है। मुझे ब्लैकमेल करने व फंसाने के लिए प्रबंधकीय विवाद को आत्महत्या के केस से जोड़ने की साजिश की गई है। कॉलेज से जुड़े सारे सुबूत व तथ्य मौजूद हैं, उसमें अंजनी कुमार पांडेय ने कब किस जिम्मेदारी का निर्वहन किया, यह भी दर्ज है। फाउंडर सदस्य रहे मेरे परिवार व कालिका प्रसाद के बीच कभी विवाद नहीं था। इसके दस्तावेजी साक्ष्य हैं। मामले में मुझे फंसाकर मेरी छवि धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
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