पत्नी की हत्या आरोपी शिक्षक व उसकी मित्र पर केस दर्ज
अयोध्या। अयोध्या कोतवाली क्षेत्र के बुधराम का पुरवा गांव में बुधवार को विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने मृतका के भाई की तहरीर पर आरोपी पति व उसकी महिला मित्र के विरुद्ध बृहस्पतिवार को हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया है। हालांकि घटना के बाद पुलिस मामले की लीपापोती में जुटी थी और देर रात तक आत्महत्या की ही कहानी गढ़ी जा रही थी, जबकि मृतका के परिवारीजन लगातार हत्या की बात कह रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों ने भी बयान दिया था कि पापा ने मम्मी का गला दबाया था।
बुधराम का पुरवा गांव में विवाहिता उमा यादव का शव संदिग्ध परिस्थितियों में घर में लटकता मिला था। पुलिस ने मामले में मृतका के भाई दिनेश यादव की तहरीर पर बृहस्पतिवार सुबह हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी पति देवचंद्र यादव व उसकी मित्र शीलम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। देवचंद्र राजकरण इंटर कॉलज में शिक्षक है, जबकि आरोपी शीलम एक निजी स्कूल में पढ़ाती है। वह देवचंद्र के घर में बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थी। मृतका के भाई ने घटना के बाद ही पुलिस को बताया था कि दोनों में मित्रता का मेरी बहन विरोध करती थी। इस पर उसे मारापीटा जाता था। इसी विरोध के चलते गला दबाकर हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया गया। मृतका के भाई दिनेश ने बताया कि अयोध्या पुलिस मामले को आत्महत्या मानकर निपटाने में जुटी थी। हत्या का मुकदमा नहीं दर्ज किया जा रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का हवाला देकर भी आत्महत्या ही बताई जा रही थी। जबकि सभी तथ्य, प्रत्यक्षदर्शी दोनों बच्चों के बयान हत्या की ओर साफ इशारा कर रहे थे।
हालांकि कोतवाल से लेकर सीओ तक बृृहस्पतिवार को भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नो इंजरी हैंगिंग की बात दोहराते रहे। जबकि मृतका के परिवारीजनों एवं बच्चों के बयान से यह स्पष्ट है कि घटना वाले दिन मृतका के साथ मारपीट की गई थी। मृतका के भाई दिनेश यादव ने पति देवंचद्र पर हत्या कर फांसी पर लटकाने का आरोप लगाया है। दोनों बेटे सौरभ व युवराज ने झगड़ा होने व पापा द्वारा मम्मी का गला दबा देने की बात दोहराते दिखे।
मृतका के भाई की तहरीर पर आरोपी पति व प्रेमिका के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। लेकिन मामले की विवेचना पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आई आत्महत्या के आधार पर ही की जा रही है। -राजकुमार साव, सीओ अयोध्या