रामनगरी में निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा
अयोध्या। उड़ीसा की जगन्नाथपुरी की तर्ज पर रामनगरी अयोध्या में भी रविवार को भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकली। इसमें अयोध्या के प्रसिद्ध बड़े मंदिरों से सायंकाल निकली रथ यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत हुआ। भारी संख्या में साधु-संतों के साथ भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी।
रामनगरी में कई मठ-मंदिरों से भगवान जगन्नाथ की रथ यात्री निकलती है। रविवार को यात्रा हनुमानगढ़ी चौराहा, रानीबाजार, तपस्वीजी की छावनी, रामघाट होते हुये सरयू तट पहुंची, जहां मां सरयू का पूजन अर्चन करने के उपरांत मंदिरों में लौट आई। बड़ा स्थान दशरथ महल से शाम पांच बजे महंत बिन्दुगद्याचार्य स्वामी देवेन्द्रप्रसादाचार्य की अध्यक्षता में भव्य यात्रा निकाली गई। इससे पूर्व धनुषधारी भगवान का विधिवत शृंगार, पूजन कर आरती उतारी गई। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में गायकों-वादकों ने भजन आदि प्रस्तुत किया। सायंकाल गाजे-बाजे के साथ धूमधाम से यात्रा निकली। यात्रा में जगन्नाथ कल्याण समिति उड़ीसा से आये कलाकारों द्वारा प्रस्तुत दीवाली नृत्य, बुंदेलखंडी नृत्य लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा।
इसी के साथ मणिरामदास छावनी से भी महंत नृत्यगोपाल दास की अध्यक्षता में बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से निकली यात्रा भव्यता की मिसाल बनी। अधिग्रहीत परिसर से सटे जगन्नाथ मंदिर से परंपरागत ढंग से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी निकली यात्रा भक्तों के श्रद्धाकर्षण का केंद्र बनी। महंत राघवदास ने बताया कि मंदिर में सुबह भगवान जगन्नाथ की विधिवत पूजा अर्चना के बाद सायंकाल दिव्य रथ पर भगवान जगन्नाथ को विराजमान कर यात्रा निकाली गई। रात्रिकाल 7 बजे यात्रा वापस आने के उपरांत भगवान जगन्नाथ को स्नान कराकर, शृंगार व पूजन कर भव्य झांकी भी सजायी गई। इसी तरह कनक भवन, चार धाम मंदिर, रामकचेहरी, सहित अन्य मंदिरों से भी गाजे-बाजे के बीच नगर के विभिन्न मार्गों से रथयात्रा निकाली गई।
देर रात चला यात्राओं का क्रम, गड्ढे बने परेशानी का सबब
अयोध्या में यात्राओं का क्रम देर रात्रि तक जारी रहा। भूमिगत विद्युत तार डालने के लिए खोदे गये गड्ढों की वजह से रथ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गये थे।
हर युग में दर्शन देते हैं भगवान : नृत्यगोपाल दास
मणिराम दास छावनी से निकली यात्रा मे उपस्थित भक्तों को संबोधित करते हुए श्रीराम जन्मभूमि न्यास अध्यक्ष व मणिराम दास छावनी के महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि भगवान हर युग भक्तों को दर्शन देने के लिये प्रकट होते हैं। आवश्यकता है भक्त उन्हें अपने अंत:करण से पुकारें। जगन्नाथ भगवान की यात्रा का उद्देश्य इसी से परिभाषित होता है कि लाखों लोग समरस भाव से रथ को खींचने में एकाग्रता और एकात्मता का परिचय देते हैं।