फैजाबाद। जिला महिला अस्पताल में नर्सों व डॉक्टरों की लापरवाही से फिर एक प्रसूता को जान गंवानी पड़ी। मंगलवार शाम प्रसूता ने ऑपरेशन से एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।
इसके बाद उसे वार्ड में भेज दिया गया। रात में उसकी हालत अचानक तेजी से बिगड़ने लगी। दर्द से तड़प रही महिला के परिवारीजन पूरी रात डॉक्टर और नर्सों से देखने की गुहार लगाते रहे, मगर कोई देखने नहीं पहुंचा।
इस बीच कई दलाल उसे निजी अस्पताल ले जाने की कोशिशें करते कैमरे में कैद हुए। बुधवार सुबह जब परिवारीजनों ने हंगामा किया तो डॉक्टरों ने जांच की। मगर कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई।
परिवारीजनों ने घंटों डॉक्टरों व नर्सों पर धन उगाही व इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। जिलाधिकारी के निर्देश पर पहुंचे नगर मजिस्ट्रेट ने परिवारीजनों को समझाकर शांत कराया और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
रामसनेही घाट बाराबंकी के खसड़ेरा थाना क्षेत्र के देवीगंज निवासी संजय जायसवाल ने पत्नी आरती (25) को सोमवार दोपहर करीब 12 बजे प्रसव पीड़ा होने पर जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया।
जांच के बाद सामान्य डिलेवरी की स्थिति न बनने पर प्रसूता का मंगलवार शाम करीब चार बजे ऑपरेशन किया गया। उसे संबंधित वार्ड में भर्ती कराया गया। तब तक जच्चा-बच्चा पूर्ण रूप से स्वस्थ बताए गए।
तीमारदारों ने बताया कि मंगलवार रात करीब दो बजे प्रसूता की हालत अचानक बिगड़ने लगी। वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ नर्स से देखने के लिए आग्रह किया तो उन्होंने अभद्रता से पेश आते हुए देखने से मना कर दिया।
कई बार रात भर डॉक्टर व नर्स के लिए परिवारीजन दौड़ते रहे लेकिन कोई देखने नहीं आया। सुबह करीब आठ बजे तक हालत और बिगड़ गई तो डॉ. विनीता राय व सीएमएस ने जाकर देखा लेकिन तब तक महिला की हालत बिगड़ती गई।
10.30 बजे तक उसने दम तोड़ दिया। परिवारीजनों ने स्टाफ नर्स व डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए वार्ड में ही हंगामा शुरू कर दिया।
सूचना पर महिला एसओ प्रियंका पांडेय, चौकी इंचार्ज रिकाबगंज आदि पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट सीएल मिश्रा भी मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिए जाने पर परिवारीजन शांत हुए।
ऑपरेशन के लिया 15 सौ रुपये
मृतका के पति संजय ने बताया कि ऑपरेशन के समय ही 15 सौ रुपये की मांग की गई थी, जिसे उसी समय दे दिया गया। रात में भी बार-बार गिड़गिड़ाने के बाद भी पैसे की वजह से ही इलाज नहीं किया गया। महिला की मौत होने के बाद सभी चिकित्साकर्मी वार्ड से नदारद हो गए।
सीएमएस ने कहा, प्रसूता की मौत की वजह समझ से परे
महिला के भर्ती होने से लेकर बुधवार तक किसी प्रकार की इलाज में लापरवाही नहीं की गई है। बुधवार को आठ बजे महिला की तबियत अचानक खराब होने पर डॉ. विनीता राय ने देखा।
स्थिति समझ में नहीं आई तो मैंने महिला को देखा। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. नानकसरन व न्यूरो सर्जन डॉ. शिशिर वर्मा को भी दिखाया गया।
डॉ. शिशिर वर्मा ने कुछ दवाएं लिखकर मंगाया, इसी बीच महिला की मौत हो गई। महिला को आंतरिक कोई समस्या नहीं थी, वह पूर्ण रूप से स्वस्थ थी। अचानक किस वजह से मौत हुई, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।
-डॉ. श्रीकांत शुक्ला, सीएमएस, महिला चिकित्सालय
जांच कराकर होगी कार्रवाई
परिवारीजनों के आग्रह पर शव को पोस्टमार्टम कराने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
-सीएल मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट, फैजाबाद