रामनगरी में शोक की लहर
अयोध्या। गुमनामी बाबा प्रकरण से जुड़ी यशोमती माता का सोमवार को निधन हो गया, वह 90 वर्ष की थी। उनके निधन से रामनगरी में शोक की लहर दौड़ गयी। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस कहे जाने वाले गुमनामी बाबा अयोध्या में नंद बाबा उर्फ पंडा रामकिशोर मिश्र के यहां कुछ समय तक रहे थे।
वे रामकिशोर को नंद बाबा व उनकी पत्नी शांति देवी को यशोमती कहकर बुलाते थे। यशोमती अक्सर गुमनामी बाबा के लिए भोजन बनाती थी। यशोमती को उनके ज्येष्ठ पुत्र नंदकुमार मिश्र पेड़ा महाराज ने मुखाग्नि दी। उनके तीन पुत्रों में कृष्ण कुमार मिश्र बर्फी महाराज, अरुण कुमार मिश्र शामिल हैं।
उनके निधन पर बिन्दुगद्याचार्य देवेन्द्रप्रसादाचार्य, ज.गु. रामदिनेशाचार्य, रामबल्लभाकुंज के अधिकारी राजकुमार दास, महंत रामशरण दास, महंत गिरीशपति त्रिपाठी, अवध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनोज दीक्षित, संजय शुक्ल, विश्वम्भरनाथ त्रिपाठी आदि ने अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।