43.80 लाख के एमएसटी घोटाले में एआरएम सस्पेंड
फैजाबाद। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक पी गुरुप्रसाद ने फैजाबाद डिपो में हुए 43.80 लाख रुपये के एमएसटी घोटाले में आई जांच आख्या के आधार पर एआरएम अविनाश चंद्र को निलंबित कर दिया है। एमडी ने एआरएम को एमएसटी घोटाले में गबन करने व कराने का आरोपी भी माना है। निलंबन अवधि के दौरान अविनाश चंद्र मुख्य प्रधान प्रबंधक (संचालन) परिवहन निगम मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध रहेंगे।
‘अमर उजाला’ ने फैजाबाद डिपो में ऑनलाइन एमएसटी बनाने वाली कंपनी ट्राइमेक्स की ओर से 43.80 लाख रुपये का घोटाला उजागर किया गया था। ट्राइमेक्स कंपनी के टीम लीडर शिवांग गुप्ता की ओर से गुपचुप तरीके से पूरा कैश नहीं जमा किया जा रहा था। यह धोखाधड़ी लेखाकार जितेंद्र कुमार की नजर में पहली बार आई। लेखाकार ने पूरे मामले की सूचना एआरएम अविनाश चंद्र को दी थी। अविनाश चंद्र ने अपने लॉगिंन व पासवर्ड का इस्तेमाल करते हुए पहले जनवरी से मार्च 2018 तक की डिटेल निकाली थी। इसमें केश जमा का मिलान करने पर 6.16 लाख रुपये का अंतर पाया गया था। बाद में वर्ष 2016 से 2018 तक दो साल की जांच में 43 लाख 80 हजार 155 रुपये का घपला पाया गया था। मामले में पुलिस फैजाबाद डिपो के केंद्र प्रभारी विनोद कुमार श्रीवास्तव की तहरीर पर ट्राइमेक्स कंपनी के पांच लोगों पर केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पूरे मामले में आरएम फैजाबाद अविनाश चंद्र की संलिप्त होने की आशंका के तहत परिवहन निगम के एमडी पी गुरुप्रसाद ने मुख्यालय से उप मुख्य लेखाधिकारी एमवी नाटू व एआरएम फाइनेंस के एस मूर्ति की टीम ने फैजाबाद डिपो में पहुंच कर 10 घंटे से अधिक जांच की। जांच टीम अपने साथ सुबूत के तौर पर काफी प्रपत्र भी ले गई थी। इसी जांच आख्या के आधार पर एमडी पी गुरुप्रसाद ने निलंबन की कार्रवाई की है। उन्होंने अपने जारी आदेश में एआरएम अविनाश चंद्र को अपने कर्तव्यों का भली भांति निर्वहन न करने, ट्राईमेक्स कंपनी के साथ मिली भगत करके 43.80 लाख रुपये का गबन करने व कराने, अपने एमएसटी पोर्टल का पासवर्ड से एसएसटी के कैश का मिलान न करने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने, भ्रष्टाचार में लिप्त रहने, निगम को वित्तीय हानि पहुंचाने समेत विभिन्न आरोपों के कारण उन्होंने परिवहन निगम अधिकारी सेवा (सामान्य) विनियमावली 1998 के विनिमय 50 के उपनियम 5, 10, 17 एवं 20 का उल्लंघन करने सहित विभिन्न गंभीर आरोपों के संबंध में निलंबन की कार्रवाई की है।
रोडवेज इंपलाइज यूनियन ने जताई खुशी
फैजाबाद डिपो में एआरएम के निलंबन के आदेश पर रोडवेज इंपलाइज यूनियन के पदाधिकारियों व सदस्यों ने खुशी जताई है। यूनियन के क्षेत्रीय मंत्री वीके अवस्थी ने बताया है कि ऐसे भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ इसी प्रकार की कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने अविनाश चंद्र के कार्यकाल के विभिन्न कार्यों के जांच की मांग भी की है। कहा कि अन्य कार्यों में इस प्रकार के मामले सामने आ सकते हैं।
‘अमर उजाला’ ने छह किस्तों में किया था घोटाले का पर्दाफाश
रोडवेज में ऑनलाइन एमएसटी बनाने में हुए 43.80 लाख रुपये के घोटाले का पर्दाफाश किया था। पहले दो दिन प्रकाशित खबर में के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा व एमएसटी बनाने वाली कंपनी के लोगों पर प्राथमिकी दर्ज हुई। बाद में विभाग की संलिप्ता पर प्रश्न खड़ा करने संबंधी खबर पर विभागीय जांच के आदेश हुए थे। जांच आख्या के बाद अब एआरएम पर कार्रवाई का आदेश एमडी का आया है।
फिलहाल नए एआरएम की तैनाती नहीं
फैजाबाद डिपो में तैनात एआरएम अविनाश चंद्र के बाद अभी नए एआरएम की तैनाती नहीं हो पाई है। फिलहाल लेखाधिकारी ही आवश्यक कार्य देखेंगे। दूसरी ओर मंगलवार को दोपहर के बाद अविनाश चंद्र को निलंबन की कार्रवाई का आदेश रिसीव करा दिया है।