विदेशी शोधार्थी भी बोले, अयोध्या बने हैरिटेज सिटी
फैजाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में चल रही चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के अंतर्गत बुधवार को संत कबीर सभागार में विशिष्ठ व्याख्यान आयोजित किया गया।
इसमें देश-विदेश से आए लगभग 50 शोधकर्ताओं एवं विद्वानों ने अपने-अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किये। सभी वक्ताओं व शोधार्थियों ने अयोध्या को केंद्र में रखकर अपने शोध-पत्र पढ़े।
मुख्य रूप से अयोध्या के पुरातत्व एवं प्राचीन धरोहरों तथा अयोध्या को विश्व धरोहर के रूप में विकसित करने की बात की गई। इन विद्वानों में मुख्य रूप से इटली के न्यूमैन वर्दी, एशियन कल्चरल लैंड स्केप एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रो. राना पीबी सिंह, प्रो. सूर्य नरायण मूर्ति, काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. अनिल कुमार सिंह व डॉ. ज्योति रोहिल्या, गोरखपुर विश्वविद्यालय के डॉ. सर्वेश कुमार, सिक्किम केंद्रीय विश्वविद्यालय के डॉ. अमित सिंह, उड़ीसा की अरूंधती पटनायक, एमिटी विश्वविद्यालय के विश्व विजय प्रताप सिंह, इतिहास विभाग के डॉ. राजेश कुमार सिंह आदि प्रमुख रहे।
दूसरे सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. किरण कुमार थपलियाल, प्रो. एसएन कपूर, प्रो. अमर सिंह तथा अमेरिका की प्रो. अनीता सिन्हा चेयर कर रहे थे।
रिपोर्टर के रूप में डॉ. डीएन वर्मा एवं डॉ. राज कुमार सिंह थे। दो दिवसीय संगोष्ठी के शैक्षिक सत्र में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्ति विद्वानों ने एक साथ एक मंच पर अपनी सांस्कृतिक विरासतों एवं पवित्र परिदृश्यों को अपने शोध एवं अनुभव को विचारों के माध्यम से साझा किया।
इसके उपरांत संत कबीर सभागार में संगोष्ठी का समापन सत्र अयोजित किया गया। समापन सत्र में एशियन कल्चरल लैंड स्केप एसोसियेशन के अध्यक्ष प्रो. राना पीबी सिंह ने एशियन कल्चरल लैंड स्केप एसोसिएशन की स्थापना एवं उद्देश्य के बारे में विस्तार से बताया।
कहा कि शीघ्र्र ही अयोध्या को विश्व विरासत यूनोस्को द्वारा शामिल किया जा सकता है। एशियन कल्चरल लैण्ड स्केप एसोसिएशन के संस्थापक/अध्यक्ष प्रो सुंग क्यून किम ने अयोध्या और कोरिया के बीच बने रिश्तों के बारे में विस्तार से बताया।
समापन समारोह में अपने विशिष्ठ संबोधन में प्रो. चिरापट्ट ने कहा कि थाईलैंड में अयोध्या-फैजाबाद के बारे में बहुत सुना था आज यहां आकर बहुत सुखद अनुभूति हो रही है।
धन्यवाद ज्ञापन में इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के विभागाध्यक्ष एवं संगोष्ठी के संयोजक प्रो. अजय प्रताप सिंह ने कहा कि अयोध्या में विरासतों की पूरी एक श्रृंखला है। जिसे हमें विश्व पटल पर प्रस्तुत करके पर्यटन को बढ़ाना होगा।