आगे बढ़ती जा रही नदी, पीछे खिसकते जा रहे बाबा
अयोध्या। सरयू की तेज कटान ने अयोध्या के सीताराम नाम आश्रम को लीलना शुरू कर दिया है। इससे बावजूद नेपाली बाबा आश्रम छोड़ने को तैयार नहीं है। जैसे-जैसे कटान आगे बढ़ रही बाबा आश्रम से सामान निकाल कर पीछे खिसकते जा रहे हैं। उनका कहना है कि सरयू मइया जितना कटान करेंगे, उतना पीछे होकर स्वागत करेंगे।
बुधवार को सरयू नदी की धारा ने बाबा के आश्रम का काफी हिस्सा अपनी जद में ले लिया। आश्रम आधे से अधिक कटान में समाहित हो चुका है, वहीं आश्रम का पक्का हिस्सा लटक चुका है। यहां रह रहे शिष्य भी पलायन कर रहे हैं, सामान आदि को हटाया जा रहा है, वहंीं आश्रम न छोड़ने की जिद पर नेपाली बाबा अभी भी अड़े हुए हैं।
जैसे-जैसे नदी की धारा आश्रम की ओर बढ़ती जा रही है, नेपाली बाबा भी अपनी कुटिया खिसकाते जा रहे हैं, लेकिन आश्रम छोड़ने को तैयार नहीं हैं। वे कहते हैं कि जैसे-जैसे सरयू मईया आती जायेंगी हम उनका स्वागत करते जाएंगे, लेकिन आश्रम से हटने का सवाल ही नहीं उठता, प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर भी बाबा क्रोधित हैं।
जलस्तर कम होने के साथ नदी में समाहित हो रही आसपास की भूमि
फैजाबाद। जलस्तर कम होने के साथ ही सरयू अब किनारों पर तेजी से कटान कर रही है। इससे कछार इलाकों के ग्रामीणों में खौफ के बादल छाए हुए हैं। बुधवार को शाम चार बजे सरयू लाल निशान से 26 सेंमी. नीचे बह रही थी। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर सिर्फ दो सेंमी. कम हुआ है।
वहीं जानकारों का कहना है कि नदी की धारा अपस्टीम के साथ तेजी से बैकरोलिंग कर रही है। जिसके चलते आसपास की खेती की भूमि नदी में समाहित होती जा रही है। केन्द्रीय जल आयोग के नयाघाट अयोध्या कार्यालय के अनुसार, सरयू का जलस्तर 92.470 मीटर रिकार्ड किया गया है।
गिरिजा बैराज को छोड़कर, शारदा व बनबसा बैराजों से छोड़ा जा रहा 50 हजार क्यूसेक पानी का नदी के जलस्तर पर कोई खास असर नहीं है। बताया जा रहा है कि गिरिजा बैराज से 99, 475 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन उससे कोई फर्क पड़ने वाला नहीं है।
वहीं सरयू का जलस्तर धीरे-धीरे कम होने से अपस्टीम के साथ नदी की धारा बैकरोलिंग कर रही है और इसी के साथ कटान में तेजी आ गई है। इससे रौनाही बंधे के निकट महंगू का पुरवा, अब्बु पुरवा, सल्लाह पुरवा, सराय नासिर आदि गांवों के जमीनें कटान से नदी में समाहित हो रही हैं।
यहां के देव प्रकाश व संतलाल ने बताया कि सुबह से नदी तेजी से खेतों को काटकर पानी में मिला दे रही है। वहीं बिल्वहरि बंधे के निकट राय पहलवारा एवं सराय राशी गांवों के ग्रामीण हनुमान सिंह ने बताया कि यहां खेती योग्य भूमि को नदी निशाना बना रही है।