अयोध्या। मंडल कारागार में निरूद्ध एक सजायाफ्ता कैदी ने मंगलवार दोपहर बैरक के बगल में एक पेड़ से गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी होते ही आसपास मौजूद बंदियों ने उसे नीचे उतारा और जेल प्रशासन को सूचना दी। जेल प्रशासन ने उसे जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वह 2015 में फैजाबाद रेलवे स्टेशन पर जाली नोटों के साथ पकड़ा गया था। उसे इस मामले में 10 वर्ष की सजा सुनाई गई थी। तब से वह मंडल कारागार में बंद था।
मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे 10 साल की सजा काट रहे सजायाफ्ता कैदी ने बैरक के पास पेड़ पर गमछे की मदद से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आसपास मौजूद बंदियों ने जब उसे पेड़ से लटका देखा तो उसे तत्काल नीचे उतारकर जेल प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया, मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जेल अधीक्षक बृजेश कुमार ने बताया कि कैदी सद्दाम शेख (30) निवासी मालदा पं. बंगाल 2015 से मंडल कारागार में सजा काट रहा था। घरवाले उसकी पैरवी नहीं कर रहे थे। इस वजह से वह अवसादग्रस्त रहता था। इसको लेकर उसकी काउंसलिंग भी कराई जा रही थी।
बताया कि बीते शनिवार को उसने नियमानुसार फोन से अपने घरवालों से बात की थी। उसके साथ बैरक में रहने वाले बंदियों के अनुसार सद्दाम ने उन्हें बताया था कि उसके भाई ने पहले जुलाई में उसे रिहा करवाने का प्रयास करने की बात कही थी लेकिन फोन पर उसने पैरवी करने से इनकार कर दिया था। इसके बाद से वह टेंशन में था। बताया कि मृतक के परिवारीजनों को सूचना दे दी गई है। शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी की जा रही है।