अयोध्या। कोतवाली नगर के गंजा गांव में गैस एजेंसी के गोदाम इंचार्ज रामपाल की हत्या कर लूट की वारदात का भंडाफोड़ कर मंगलवार को पुलिस ने तीन लुटेरों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो तमंचे, घटना में प्रयुक्त बाइक व 10 हजार नकद बरामद हुए हैं।
पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों का लंबा आपराधिक इतिहास है। आरोपियों ने पूछताछ में हत्या-लूट की वारदात कुबूलते हुए बताया कि मुखबिर के गोदाम इंचार्ज के पास 1.80 लाख रुपये होने की सूचना पर वारदात को अंजाम दिया और इंचार्ज के विरोध करने पर गोली मारी। आरोपियों ने तारुन के एक ठेकेदार की सुपारी लेकर हत्या करने की साजिश की बात भी कुबूली है। पुलिस मामले की गहराई से छानबीन कर रही है।
एसएसपी आशीष तिवारी ने पत्रकारों को बताया कि हत्या व लूट की इस घटना का खुलासा करने के लिए कोतवाली नगर व एसओजी प्रभारी समेत पांच टीमें लगाई गई थीं। घटनास्थल के आसपास व लुटेरों के भागने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान हो गई थी।
मंगलवार को सूचना मिली कि घटना में वांछित आरोपी नीले रंग की बाइक से दर्शननगर से साईं दाता की कुटिया की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर एसओजी प्रभारी अभिषेक सिंह व कोतवाली नगर प्रभारी जगदीश उपाध्याय की टीम ने जनौरा के पास हाईवे पर नाकाबंदी कर दी।
इस दौरान बाइक से आए तीनों आरोपियों को दबोच लिया गया। आरोपियों की पहचान प्रदीप गौड़ निवासी नेतवारी चतुरपुर थाना तारुन, दिलीप सोनी निवासी मनिकपुर थाना कप्तानगंज जिला बस्ती व उग्रसेन यादव निवासी ओदी रतनाथपुर थाना हैदरगंज अयोध्या के रूप में हुई।
एसएसपी ने बताया कि यह तीनों आरोपी शातिर अपराधी हैं, इन पर लूट, हत्या व हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं में 50 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि इस घटना में प्रदीप गौड़ ने रैकी की थी, उसके अनुसार वारदात वाले दिन गैस एजेंसी इंचार्ज के पास करीब 1.80 लाख रुपये हैं। लेकिन, लूट में उन्हे मात्र 15 हजार रुपये ही मिले थे। तीनों आरोपियों ऊपर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम भी घोषित किया था।
लूट करते समय अकसर करते थे हत्या की वारदात
एसएसपी के अनुसार, तीनों लुटेरों का लंबा आपराधिक इतिहास है। इनमें से दिलीप सोनी पर बस्ती, गोरखपुर व अयोध्या जनपद में लूट, हत्या, हत्या का प्रयास व आर्म्स एक्ट के तहत करीब 25 मुकदमे दर्ज हैं। इस पर बस्ती जिले की पुलिस ने तीन बार गैंगस्टर की भी कार्रवाई की है। वहीं, प्रदीप गौड़ पर अयोध्या के विभिन्न थानों में 13 व उग्रसेन पर 12 मुकदमे दर्ज हैं। इन पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई की जा चुकी है। बताया कि यह सभी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं, और लूट करते समय अकसर हत्या की वारदात भी करते थे। बताया कि आरोपी इतने शातिर थे कि वो पकड़े जाने के भय से कभी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे।
मजदूर द्वारा विरोध करने पर मारी थी गोली
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि गैस एजेंसी इंचार्ज रामपाल से बैग छीनते समय वाहन पर सवार एक मजदूर उनसे भिड़ गया। उसने कुर्सी से उन पर हमला कर दिया और शोर मचाने लगा। इस पर उग्रसेन ने गैस एजेंसी इंचार्ज को पिस्टल से गोली मार दी। इसके बाद वो भाग कर बस्ती चले गए थे।
तारुन के एक ठेकेदार की हत्या की फिराक में थे
एसएसपी के अनुसार, तीनों लुटेरे तारुन के एक ठेकेदार प्रमोद श्रीवास्तव की हत्या के फिराक में अयोध्या में घूम रहे थे। बताया कि महराजगंज थाना अंतर्गत गैस एजेंसी वाहन से हुई लूट की वारदात में नाम आने के बाद उग्रसेन अपना परिवार लेकर बस्ती चला गया था। तीनों ठेकेदार की हत्या के बाद मुंबई भागने की फिराक में थे।