रेल मंत्री रहे लालू यादव के समय में बदले गये रेल ट्रैकों के फ्रैक्चर होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गौरियामऊ हाल्ट पर बुधवार की सुबह साढ़े सात बजे के करीब टूटे ट्रैक का पता सबसे पहले चाबी मैन नसीम को चला। रुदौली और बड़ागांव रेलवे स्टेशन को सूचना मिली तो ट्रैक पर चल रही ट्रेनों को रोक दिया गया।
करीब घंटे भर बाद जहां-तहां खड़ी सभी ट्रेनों को कॉशन पर टूटे ट्रैक से गुजारा गया। दोपहर में चीफ पीवे रामलखन ने दूसरी रेल और क्लैंप लगाया। इसके साथ ही ट्रेनों का निर्बाध संचालन शुरू हो गया। सोहावल से अप सियालदह रुदौली के लिए थ्रो रवाना हुई थी।
देवराकोट से बड़ागांव के लिए फैजाबाद से लखनऊ जा रही अप पैसेंजर चल रही थी। डाउन कैफियात रौजागांव से आगे थी। यह वक्त सुबह सवा सात बजे के बाद का रहा होगा। इस बीच चाबी मैन नसीम गौरियामऊ हाल्टस्टेशन के सामने था।
उसे किमी. संख्या 1000/08 व 1000/09 के बीच ट्रैक टूटा मिला। यह वही स्थान था जहां की पटरी को पहले ही क्लैंप से बांधा गया था। क्लैंप के बीच एक और हिस्सा टूटा देखकर उसने हाल्ट के अगल-बगल के स्टेशनों रुदौली और बड़ागांव को सूचित किया।
सिंगल ट्रैक के टूटने की सूचना से दोनों स्टेशनों के अधिकारी सकते में आ गये। सुबह साढ़े सात बजे के करीब घटना की जानकारी होने पर सियालदह को देवराकोट, कैफियात को रुदौली और पैसेंजर को बड़ागांव में रोक दिया गया।
चीफ पीवे रेलवे रामलखन साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। कॉशन पर ट्रेन गुजारने के लायक ट्रैक को पाया तो 49 मिनट बाद सियालदह और 53-53 मिनट बाद कैफियात व पैसेंजर ट्रेनों को आगे के लिए रवाना किया गया।