अयोध्या। रौनाही थाना क्षेत्र के लखौरी गांव में किशोरी सरिता की हत्या के मामले में कोर्ट ने सभी सात लोगों को दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया है। सजा पर सुनवाई 23 जनवरी को होगी। फैसला जिला जज नीरज निगम की अदालत से हुआ।
फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता सईद खान ने बताया कि वारदात 8 सितंबर 2014 की है। लखौरी गांव निवासी सरिता ने अपने भाइयों से खाना बनाने के लिए लकड़ी चीरने को कहा। उसके दोनों भाई दरवाजे पर रखी लकड़ी के पास पहुंचे तो उस पर पट्टीदार का ईंटें गिरी थीं।
ईंटें हटाने को कहने पर सभी लोग तमंचा, रायफल व लाठी-डंडों से लैस होकर उसके भाई हरिविजय व हरिकेश को मारने लगे। दोनों जान बचाने के लिए घर में भागे तो सभी आरोपी घर में घुस गए। घर में मौजूद सरिता उर्फ कुसुम आरोपियों से भिड़ गई तो सभी लोगों ने उसे केरोसिन डालकर जिंदा जला दिया था। सरिता की उसी दिन 3:30 बजे जिला चिकित्सालय में मौत हो गई।
घटना के पीछे जमीन की रंजिश थी। इसकी रिपोर्ट हरिविजय सिंह ने राम सूरत सिंह, राम कीरत सिंह, अरविंद सिंह, अरविंद सिंह, मनोज सिंह, शैलेश सिंह व रवि सिंह के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं में लिखाई गई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने सबको बलवा, हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी पाते हुए न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। सभी दोषियों को 23 जनवरी को सजा सुनाई जाएगी।