फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

13 साल बाद फैजाबाद कचहरी बम धमाकों में आज आएगा फैसला

विज्ञापन
विज्ञापन
अयोध्या। फैजाबाद कचहरी में 2007 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में फैसले के इंतजार की घड़ियां समाप्त होने वाली हैं। फैसले के लिए शुक्रवार को मंडल कारागार में अदालत लगाने के सारे इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
विज्ञापन

यहां अपर जिला जज प्रथम व कचहरी सीरियल ब्लास्ट केस के विशेष न्यायाधीश अशोक कुमार फैसला करेंगे। 12 साल की लंबी सुनवाई के बाद इसमें 10 दिन पहले फैसला सुरक्षित कर लिया गया था। फैजाबाद कचहरी सीरियल बम ब्लास्ट केस का फैसला 20 दिसंबर को मंडल कारागार में सुनाया जाएगा।
23 नवंबर 2007 को फैजाबाद, लखनऊ, वाराणसी की कचहरी में हुए सीरियल ब्लास्ट में फैजाबाद में 4 लोगों की मौत हुई थी। आतंकियों ने साइकिल में टिफिन बॉक्स में बम रखकर यहां विस्फोट किया था।
विज्ञापन

थोड़ी देर के अंतर में दो बार हुए धमाकों से कचहरी में अफरातफरी मच गई थी। इस मामले में 4 संदिग्ध आतंकी तारिक काजमी, मोहम्मद अख्तर, सज्जाद उर रहमान, खालिद मुजाहिद गिरफ्तार हुए थे। इस बीच एक आरोपी खालिद मुजाहिद की बाराबंकी जिला जेल में मौत हो गई थी। आरोपियों को फैसले के मद्देनजर अयोध्या मंडल कारागार में शिफ्ट करने का आदेश भी दिया जा चुका है।
अधिवक्ता समेत चार की हुई थी मौत, 24 हुए घायल
बम विस्फोट में अधिवक्ता राधिका प्रसाद मिश्र, वादकारी केसरी प्रसाद, मुंशी फागूराम निवासी राजस्थान भिंडर व ओमप्रकाश पांडे की मौत हो गई थी। इस घटना में 7 लोग गंभीर रूप से व 17 लोग सामान्य रूप से घायल हुए थे। दोपहर करीब एक बजे हुए इस विस्फोट से कचहरी में अफरातफरी का माहौल हो गया था।
धुएं और बारूद की गंध से पूरी कचहरी भर गई थी। तत्कालीन बार एसोसिएशन के मंत्री मंसूर इलाही ने उसी दिन अज्ञात लोगों के खिलाफ राष्ट्र द्रोह, हत्या, जानलेवा हमला व बम विस्फोटक अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने खालिद मुजाहिद, तारिक कासमी, मोहम्मद अख्तर व सज्जाद उर रहमान को गिरफ्तार कर इनके खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, राष्ट्रद्रोह, 345 बम विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोप पत्र अदालत में प्रस्तुत किया था।
घटना के बाद से कचहरी की सुरक्षा हुई सख्त
घटना के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ ने जिला की कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक खाका भी तैयार किया था। जिसके मद्देनजर कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था की गई और चारों तरफ बाउंड्रीवॉल का निर्माण करवाकर हर गेट पर सुरक्षाकर्मी चेकिंग के बाद ही लोगों को अंदर जाने देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें